बठिंडा में तेज आंधी से टूटीं पेड़ की टहनियां।
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गेहूं की फसल को काटने की तैयारी कर रहे किसानों की मंगलवार शाम को हुई बारिश और आंधी ने चिंता बढ़ा दी है। पंजाब के कई इलाकों से आंधी और पानी की खबर है। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का कहना कहना है कि बुधवार को भी मौसम इसी तरह रहने वाला है। ऐसे में किसानों की पक चुकी गेहूं की फसल पर बुरा असर पड़ सकता है।
पीएयू मौसम विभाग के डॉ. केके गिल ने बताया कि मंगलवार को तेज आंधी के साथ बरसात होने की संभावना पहले ही जता दी गई थी। मंगलवार शाम से बादल छा गए थे लेकिन देर शाम को अचानक तेज आंधी चलनी शुरू हो गई। वहीं कई जगह पर बरसात भी हुई है। ऐसे में जहां गेहूं की फसल में पहले पानी भरा होगा, वहां नुकसान हो सकता है।
दरअसल, तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाती है और पानी जमा होने की वजह से वह खरान होने लगती है। अगर खेत में पानी नहीं है तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा, क्योंकि गेहूं की फसल ज्यादा सख्त होती है। बुधवार को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बरसात हो सकती है। गुरुवार से मौसम साफ रहेगा।
अबोहर : तेज आंधी और बारिश से खेत में बिछा गेहूं
अबोहर में भी मंगलवार शाम छह बजे से घने काले बादल छा गए और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी के कारण बड़ी संख्या में पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए जिससे यातायात ठप हो गया। साथ ही शहर में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी-पानी से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बठिंडा में आंधी से जीडी रोड स्थित पेट्रोल पंप की छत गिर गई। साथ ही दाना मंडी स्थित वेयर हाउस के गोदाम में पड़ी अनाज की बोरियों के ऊपर से तिरपाल उड़ गई।
अबोहर के गांव किल्लियांवाली के किसान गुरिंद्र सिंह लाऊ जाखड़ व गांव कल्लरखेड़ा के भूपेन्द्र सिंह टिक्का ने बताया कि तेज आंधी और बरसात से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। इससे कटाई में परेशानी होगी। इधर मौसम विभाग ने 12 अप्रैल तक बादल छाए रहने की बात कही है। किसानों ने बताया कि 10 तारीख से शुरू हो रही गेहूं की सरकारी खरीद में इस बार सरकार ने गेहूं की नमी को 14 से घटाकर 12 कर दिया है लेकिन ऐसे मौसम में गेहूं में नमी अधिक होगी।