हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर अपने हजारों अनुबंध और आउटसोर्स कर्मियों को नए साल का बहुत बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने उन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ दे दिया है। कच्चे कर्मचारियों के वेतन या मानदेय में 14.29 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इसे पहली जनवरी 2017 से लागू माना जाएगा। कर्मचारियों के वेतन में 1072 रुपये से 3715 के बीच वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वित्त विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अनुबंध या आउटसोर्स कर्मचारियों को ऐसा लाभ देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। इस निर्णय से 71,000 से अधिक अनुबंध या आउटसोर्स कर्मचारियों को सालाना 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ होगा। भाग-एक आउटसोर्सिंग नीति के तहत अकुशल व्यक्ति अभी 8,100 रुपये मासिक पा रहे थे, उन्हें अब 9,258 रुपये मासिक मिलेंगे।
अर्द्धकुशल व्यक्ति को 9,000 रुपये की बजाय अब 10,286 रुपये मिलेंगे। कुशल व्यक्तियों एवं अत्यंत कुशल व्यक्तियों के मासिक वेतन को 10,000 रुपये एवं 11,000 रुपये से बढ़ाकर 11,429 रुपये और 12,572 रुपये किया गया है। इससे लगभग 7,215 कर्मचारियों को सालाना 12.83 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ होगा। उन्होंने कहा कि 13,514 गेस्ट टीचरों के मासिक मानदेय को बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया है।
स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) को पहले 26,000 रुपये मासिक मिल रहे थे, उन्हें अब 29,715 रुपये मिलेंगे। टीजीटी को अब 21,000 रुपये की बजाय 24,000 रुपये और जेबीटी को 19,000 रुपये की बजाय 21,715 रुपये मासिक मिलेंगे। इससे उन्हें 48.28 करोड़ रुपये का लाभ होगा। सरकार ने राज्य के हिस्से के तहत आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर के मासिक मानदेय को बढ़ाने का भी निर्णय लिया है।
आंगनबाड़ी वर्कर्स को राज्य के हिस्से के तौर पर 4,800 रुपये मिल रहे थे, उन्हें अब 5,872 रुपये मासिक मिलेंगे। इससे उनके मासिक मानदेय में 1,072 रुपये मासिक की वृद्धि होगी। अब वे 7,500 रुपये की बजाय 8,572 रुपये मासिक पाएंगी। आंगनबाड़ी हेल्पर के राज्य के हिस्से को 2,150 से बढ़ाकर 2,650 रुपये मासिक किया गया है। इससे आंगनबाड़ी हेल्पर को 3,500 रुपये की बजाय 4,000 रुपये मासिक मिलेंगे। मानदेय में वृद्धि से 50,316 आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स को 38.46 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ होगा।