मोहाली। नेशनल लोक अदालत में चेक बाउंस से जुड़े एक मामले का निपटारा आपसी समझौते के आधार पर कर दिया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायालय में दायर अपील पर सुनवाई कर अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को धारा 138 नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराकर सजा सुनाई थी। मामले के अनुसार शिकायतकर्ता ने दायर चेक बाउंस केस में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मोहाली की अदालत ने 28 अगस्त 2023 को आरोपी को दोषी करार दिया था।
इस निर्णय के खिलाफ आरोपी ने अपील दायर की थी। अपील पर नोटिस जारी होने के बाद शिकायतकर्ता अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में पेश हुआ। इसी दौरान ट्रायल कोर्ट का रिकॉर्ड भी मंगवाया गया।मामला नेशनल लोक अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। समझौते के अनुसार शिकायतकर्ता ने अदालत में बयान दर्ज करवाया कि उसे शेष चार लाख रुपये की राशि नकद प्राप्त हो चुकी है। अब समझौते की पूरी रकम मिल जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच कोई विवाद शेष नहीं है। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि उसे आरोपी के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं है, वह मामले को कंपाउंड करने के लिए सहमत है। साथ ही उसने यह भी कहा कि यदि अपील स्वीकार कर आरोपी को बरी किया जाता है और कंपाउंडिंग फीस माफ की जाती है, तो उसे कोई एतराज नहीं है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि धारा-138 एनआई एक्ट का अपराध कंपाउंडेबल है। न्यायालय की अनुमति से इसे समाप्त किया जा सकता है। समझौते को स्वीकार कर अदालत ने अपील मंजूर कर ली और ट्रायल कोर्ट का फैसला व सजा आदेश रद्द कर दिया। इसके साथ ही आरोपी को बरी कर दिया गया और कंपाउंडिंग फीस भी माफ कर दी गई।