जीरकपुर के गांव छत निवासी एक युवक को विदेश भेजा और मलेशिया में बंधक बनाए रखा गया। जीरकपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला अमन को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने युवक की शिकायत पर दो महिलाओं सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इनमें से एक आरोपी महिला चंचल को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तीसरा नामजद आरोपी श्याम बब्बर फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक गांव छत निवासी मनदीप सिंह कनाडा जाने के लिएअखबार में छपे एक विज्ञापन के जरिए जालंधर में अमन, चंचल और चंचल के भाई श्याम बब्बर के संपर्क में आया था। आरोपियों ने 22 लाख रुपये में उसे विदेश भेजने का सौदा किया।
आरोपियों ने उसे वीजा लगने की बात कह कर दिल्ली हवाई अड्डे पर बुलाया। जहां उसे दिनेश नाम का व्यक्ति मिला। दिनेश ने उसे पासपोर्ट देते हुए कहा कि उसका वीजा थाईलैंड से लगेगा। वह उसकी बात पर भरोसा कर थाईलैंड पहुंच गया, जहां से उसे गैर-कानूनी तरीके से वीजा लगने की बात कह कर मलेशिया ले जाया गया।
पीड़ित युवक को मलेशिया के एक शहर में बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में बंधक बना लिया गया। पिस्तौल के बल पर उसके घर वालों से फिरौती की मांग की जाने लगी।
मनदीप के मुताबिक उसके घरवालों ने दो बार आठ-आठ लाख रुपये की फिरौती यहां रहने वाले आरोपियों को दी, लेकिन इसके बावजूद मलेशिया में उसे छोड़ने की बजाय उससे रोजना मारपीट की जाती थी। उसे जान से मार देने की धमकी देकर ओर पैसों की मांग की जाती रही।
मनदीप ने एक दिन रसोई में बर्तन रखने के बहाने रसोई की खिड़की से नीचे छलांग मार दी। जब उसे होश आया, तो आरोपी उसे घायल हालत में भी पीट रहे थे। लेकिन इस दौरान एक पंजाबी वहां आया।
उसने उसे आरोपियों के चंगुल से बचाया और उपचार कराके उसे भारत भेजा दिया। खिड़की से कूदने के कारण उसकी दोनों टांगें टूट गईं। वह काफी मुश्किल से भारत पहुंचा। यहां आकर उसने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी बरमा सिंह ने बताया कि उनको गुप्त सुचना मिली थी कि मुख्य आरोपी अमन जालंधर में है। उन्होंने पुलिस दल के साथ वहां जाकर रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को सोमवार को डेराबस्सी अदालत में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी श्याम बब्बर की तलाश में पुलिस छापामारी कर रहे है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।