रोहतक पीजीआई में हुई जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में अनिल विज ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही से ही जच्चा बच्चा की मौत हुई है।
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इस मामले में दो जांच करवाई जा रही हैं एक जांच पुलिस कर रही है और एक इंटरनल जांच चल रही है। इंटरनल जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विज जींद में पीड़ित परिवार से मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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इस दौरान विज ने खुलासा कि जब जच्चा-बच्चा की मौत हुई तो स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह तो लोग मरते ही रहते हैं, लेकिन मैंने कहा कि मेरे के लिए आम आदमी पहले है, वीआईपी तो अपना रास्ता अपने आप ही बना लेते हैं।
विज ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस
विज ने खरकरामजी गांव में पीड़ित परिवार के लोगों को इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रभावित परिवार को अपने स्वैच्छिक कोष से एक लाख रुपये की सहायता दी। मंत्री ने मृतका के पति सुनील तथा ससुर सतबीर व परिवार के लोगों से पूरी घटना के बारे में जानकारी ली।
विज ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी थी कि जच्चा-बच्चा की मृत्यु के पश्चात पोस्टमार्टम करवाते लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सुनील कुमार ने बताया कि बच्चा सामान्य तरीके से पैदा हुआ। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की लापरवाही के कारण नवजात शिशु जमीन में फर्श पर गिर गया, जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई।
एनआरएचएम पर बैठा था बड़ा नाग नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि इसमें पिछले दस वर्षों में काफी बड़ा घोटाला हुआ है। जब उन्होंने इन फाइलों की जांच की तो हर फाइल में एक बड़ा नाग बैठा था।
विज ने कहा कि एनआरएचएम के तहत एक कंपनी से 20 करोड़ रुपये की दवा बिना किसी लैब की जांच के खरीदी गई और बाद में इस दवा का यह भी पता नहीं चल पाया कि यह दवा कहां गई। इस मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव को कहा गया है।
डॉक्टर्स की मांगें विज की समझ से परे
रोहतक पीजीआई में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह के इलाज में बरती गई लापरवाही और जच्चा-बच्चा की मौत के बाद पीजीआई की चिकित्सा व्यवस्था एक बार फिर स्वास्थ्य मंत्री के राडार पर है।
इन घटनाओं के तकनीकी पहलू को देखने के बाद सरकार अब इसेंशियल सर्विस एक्ट खंगालने में जुट गई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सरकार की ओर से तनख्वाह लेने वाला कोई भी डाक्टर हड़ताल पर नहीं है।
इस बीच विज का कहना है कि हड़ताली चिकित्सकों की मांग उनकी समझ से परे है। दूसरी ओर सरकारी स्तर से अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह की मौत के बाद हुई कार्रवाई से आहत ऐसे कौन से लोग हैं, जो इन हड़ताली इंटर्न चिकित्सकों को आंदोलन के लिए उकसाने का काम कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार को हर हाल में इंसाफ दिलाएंगे विज
जींद में पीड़ित परिवार से मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अमर उजाला को बताया कि वे इस परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मृतका के परिवार के लोग तो झाड़ू-पोछा लगाकर काम चला रहे हैं।
यदि पीजीआई की चिकित्सा व्यवस्था में खोट न होती तो पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह और एक आम आदमी के इलाज में कोताही की नौबत नहीं आती। फिर भी उन्होंने डाक्टरों से अपील की है वे अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएं।
उधर, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव प्रदीप कासनी का कहना है कि सरकार से तनख्वाह लेने वाला कोई भी चिकित्सक हड़ताल पर नहीं है। हड़ताल की कोई आधिकारिक सूचना भी हमारे पास नहीं आई।
अनिल विज का ट्वीट पीजीआई रोहतक के डाक्टरों को हड़ताल का रास्ता छोड़ पुलिस जांच में सहयोग करना चाहिए। यह आम आदमी के इलाज में की गई लापरवाही तथा मारपीट का मामला है।
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले को लेकर हरियाणा के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई, रोहतक में हड़ताली डॉक्टरों के साथ रविवार को सीनियर डॉक्टर भी आ गए। इससे पीजीआई में चिकित्सकीय सेवा गड़बड़ाने लगी है।
दो दिन से सीनियर्स का समर्थन मांग रहे हड़ताली डॉक्टरों ने सुबह सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, हाउस सर्जन व अंडर ग्रेजुएट का समर्थन मिलते ही विजय पार्क में टेंट लगा हड़ताल की घोषणा कर दी।
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण इमरजेंसी में आए मरीजों को लौटना पड़ा। उधर, डॉक्टरों की ओर से की जा रही एफआईआर वापसी की मांग पर विज ने करारा जवाब देते हुए कहा है कि सरकार किसी भी हालत में नहीं झुकेगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग डॉक्टरों को भड़का कर हड़ताल करवा रहे हैं।
सरकार ने उनकी शिनाख्त करा ली है, जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। सरकार सच को सामने लाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेगी। उन्होंने कहा पीजीआई में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।