चलती रोडवेज बस में छेड़छाड़ एवं मारपीट की शिकार रोहतक सिस्टर्स के केस में अब बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खुलासा एक से दूसरे कॉलेज में माइग्रेशन कराने को लेकर है। आरोपी युवकों के वकील प्रदीप मलिक का कहना है कि दोनों बहनों ने झूठे दस्तावेज दिखाकर खरखौदा के कन्या महाविद्यालय से रोहतक में माइग्रेशन कराया।
एडवोकेट प्रदीप मलिक एवं एडवोकेट संदीप राठी ने बताया कि उन्होंने एमडीयू में आरटीआई लगाकर दोनों बहनों के माइग्रेशन संबंधित जानकारी मांगी थी। एमडीयू ने उन्हें 27 फरवरी को जवाब दिया। इसमें खुलासा हुआ कि थाना खुर्द गांव निवासी दोनों बहनों पूजा और आरती ने खरखौदा स्थित कन्या महाविद्यालय से रोहतक के गवर्नमेंट कालेज में माइग्रेशन कराया था।
दस्तावेजों में दोनों बहनों ने शादी का कार्ड भी लगाया है। जबकि आईसी कॉलेज के दाखिला फार्म में उन्होंने खुद को अविवाहित दिखाया है। प्रदीप मलिक ने आज प्रेस कांफ्रेंस करके वे दस्तावेज पेश किए।