जिस किसान की मौत का दर्द दिल्ली से होता हुआ देशभर में छाया हुआ है, वो गजेंद्र सिंह बुधवार को मौत होने से चंद घंटे पहले हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ही था। देश की एक खुफिया एजेंसी ने गजेंद्र के सेलफोन की कॉल डिटेल खंगाली थी, जिसमें 22 अप्रैल को गजेंद्र सिंह के कुरुक्षेत्र में होने का राज भी पता चला है।
पता चला है कि गजेंद्र 22 अप्रैल को तड़के तीन बजे तक कुरुक्षेत्र में था। दरअसल गजेंद्र को आकर्षक अंदाज में राजस्थानी पगड़ी बांधने में महारथ हासिल थी। देश-दुनिया के कई दिग्गजों के सिर पर खास अंदाज में पगड़ियां सजा चुका गजेंद्र 21 अप्रैल को कुरुक्षेत्र में भी विवाह समारोह में राजस्थानी पगड़ियां बांधने आया था।
गजेंद्र को चंडीगढ़ में तैनात हरियाणा सरकार के अधिकारी ने 10 हजार रुपये में बुक किया था। सूत्र बताते हैं कि इस अधिकारी ने गजेंद्र सिंह को पहली बार एक राजनेता के घरेलू कार्यक्रम में देखा था। कुरुक्षेत्र में विवाह समारोह में गजेंद्र सिंह ने दूल्हे और दुल्हन पक्ष के कई सदस्यों के सिर पर अलग-अलग शैली में आकर्षक पगड़ियां बांधी थी।
मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल खुफिया तंत्र ने जोड़े तार
विवाह समारोह में गजेंद्र सिंह ने दूल्हे और दुल्हन पक्ष के कई सदस्यों के सिर पर अलग-अलग शैली में आकर्षक पगड़ियां बांधी थी। इनमें से किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि जो व्यक्ति कपड़े के गमछे से उनके सिर पर राजस्थानी ठाठ-बाठ और शान की प्रतीक पगड़ियों को सजा रहा है, उस गजेंद्र के अंत में ऐसा ही कपड़े का एक गमछा कारण बन जाएगा। जिस परिवार की बुकिंग पर गजेंद्र आया था, उस परिवार के सदस्य भी इस घटना से हतप्रभ हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली के दौरान राजस्थान के दौसा के किसान गजेंद्र सिंह द्वारा पेड़ पर चढ़ने और आत्महत्या की घटना के बाद खुफिया एजेंसी ने गजेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल को खंगाला था। इस कॉल डिटेल में ही गजेंद्र के कुरुक्षेत्र आने का पता लगा।
अब कभी जरूरत न पड़ेगी विजीटिंग कार्ड की
जिस विवाह समारोह में गजेंद्र सिंह पगड़ी बांधने की बुकिंग पर आया था, उस समारोह में वर और वधू दोनों पक्षों की ओर से आए लोग गजेंद्र के पगड़ी बांधने के स्टाइल पर निहाल हुए थे। उनकी कला के मुरीद हुए इनमें से कई लोगों ने गजेंद्र से उसका विजिटिंग कार्ड भी लिया था, मगर अगले ही दिन गजेंद्र के साथ हुई घटना के बाद शायद उन्हें इसकी कभी जरूरत नहीं पड़ेगी।