उन्होंने अपने पत्र में बताया है कि पाकिस्तानी वैज्ञानिक महमूद अपने एक अन्य वैज्ञानिक साथी अब्दुल मजीद के साथ 2001 में आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्होंने अलकायदा से परमाणु, जैविक और रसायनिक हथियारों की जानकारी साझा की थी।
इतना ही नहीं उन्होंने जैविक हथियारों के इस्तेमाल संबंधी एक और जानकारी अपने पत्र में साझा की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि 2005 में इराक पर आधारित आतंकवादी संगठन अल तौहिद ने अपनी वेबसाइट पर एक 8 पेज का दस्तावेज पोस्ट किया था।
साजिश के तहत फैलाया गया वायरस
इसमें अप्रत्यक्ष रूप से जैविक हथियारों के विस्तृत इतिहास के बारे में बताया था। इसके साथ ही इन हथियारों को अमेरिका पर इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान की लैब से लीक नहीं हुआ और न तो यह जंगली सी फूड के माध्यम से बाजार में पहुंचा है। बल्कि एक पूरी साजिश के तहत यह फैलाया गया है। उन्होंने मांग की है कि इसकी युद्ध स्तर पर जांच होनी चाहिए।