प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ खुलकर आवाज बुलंद करने वाले सीनियर नेता बीर दविंदर सिंह पर आखिर गाज गिर ही गई। उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।
कैप्टन कैंप की ओर से इसकी अधिकारिक पुष्टि की गई है। एक और सीनियर नेता जगमीत बराड़ के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी हाईकमान को लिखा गया है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
बीर दविंदर ने खुल कर कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हाल ही में बीर दविंदर ने खुलासा किया था कि कैप्टन ने उन्हें कहा कि वह अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले की जांच में एफिडेविट देकर आरोप वापस ले लें। कैप्टन ने अगले दिन इस आरोप का खंडन किया था।
बीर दविंदर ने टीवी डिबेट के लिए बनी कमेटी के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद तय माना जा रहा था कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वीरवार को उनको निलंबित कर दिया गया। साथ ही तीन नेताओं सुखजिंदर रंधावा, अजायब सिंह भट्टी और राणा केपी की एक कमेटी गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी। बीर दविंदर को सात अप्रैल तक कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
सूत्र बताते हैं कि जगमीत बराड़ के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए हाईकमान को लिखा गया है। बराड़ आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के मेंबर हैं। नियमानुसार प्रदेश कांग्रेस प्रधान उनकेखिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते हैं। इसलिए प्रदेश कांग्रेस ने इस संबंध में हाईकमान को पत्र लिखा है। बराड़ भी पिछले काफी समय से कैप्टन के खिलाफ मुखर थे। वह लगातार ट्विटर पर कैप्टन के विरोध और आप के समर्थन में कुछ न कुछ लिख रहे थे।