रविवार (12 अप्रैल) को पंजाब के पटियाला में पुलिस टीम पर हुए हमले को लेकर वरिष्ठ वकील एचएस फूलका ने कहा कि मैंने पंजाब के डीजीपी से अनुरोध किया है कि दो दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए और 10 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा किया जाए। आरोपी को आजीवन कारावास दिया जाना चाहिए, ताकि पूरे देश में एक संदेश जाए।
पटियाला हमले के आरोपियों को मिले सख्त सजा : मान
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने कर्फ्यू के दौरान पुलिस और सेहत कर्मियों पर हमलों की सख्त निंदा की है। आप हेडक्वार्टर से जारी बयान में पार्टी के राज्य प्रधान और सांसद भगवंत मान, विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, कोर समिति चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्ध राम, सीनियर नेता अमन अरोड़ा, मुख्य प्रवक्ता प्रो. बलजिंदर कौर और कुलतार सिंह संधवां ने रविवार को पटियाला में पुलिस टीम पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भगवंत मान ने कहा कि पटियाला हमले के आरोपियों पर जितनी भी सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है, वह की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी हरकत करने के लिए किसी का हौसला न हो। उन्होंने ने कहा कि कोरोना के कारण पूरी दुनिया दुख भरे हालात से गुजर रही है और इस महामारी पर घरों में बैठकर ही काबू पाया जा सकता है। ऐसे में हम सभी को जिम्मेदारी के साथ पुलिस और प्रशासन का साथ देना चाहिए।
भगवंत मान ने कहा कि पटियाला की तरह कई अन्य स्थानों पर भी पुलिस-प्रशासन और सेहत कर्मियों पर हमले की घटनाएं हुई हैं, जो इस मुश्किल घड़ी को दुखदायक बनाती हैं। भगवंत मान ने कहा कि पुलिस अधिकारी और मुलाजिम, डाक्टर, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस चालक और सफाई कर्मचारी इस समय अपने घर और परिवार को छोड़ कर कोरोना वायरस के विरुद्ध लोगों की सेवा में लगे हुए हैं। अगर ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं न रुकीं तो यह ‘योद्धा’ किस हौसले के साथ कोरोना पर विजयी हासिल करेंगे।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पटियाला में रविवार को निहंगों के वेश में आए कुछ समाज विरोधी तत्वों द्वारा पुलिस टीम पर किए हमले की कड़ी निंदा की है। उल्लेखनीय है कि बुड्डा दल के प्रमुख ने भी उन रिपोर्टों को गलत ठहराया है, जिनमें हमलावरों को निहंग बताया गया था। निहंग प्रमुख ने पुलिस पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एक बयान में डॉक्टरों, नर्सों तथा बाकी स्वास्थ्य कर्मचारियों की सराहना करते हुए बादल ने उन्हें ‘मानवता के सच्चे नायक’ करार दिया। बादल ने कहा कि वह इन डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों या उनके परिवारों की हर तरह से सहायता करके खुश होंगे। उन्होंने कहा कि इन स्वास्थ्य कर्मचारियों की फौज का कोई भी सदस्य मेरे साथ किसी भी समय सीधा आकर या फोन पर संपर्क कर सकता है। उन्होंने कहा कि हम आपके कितने ऋणी हैं, इसे बयान करने के लिए हमारे पास शब्द नही हैं।
लोगों से सरकार का सहयोग करने को कहा
बादल ने देश के लोगों तथा खासतौर पर पंजाबियों और पूरी दुनिया में रहते सिखों से अनुरोध किया है कि वह एक जिम्मेदार और समझदार नागरिक होने का उदाहरण पेश करना जारी रखें। उन्होंने कहा कि सिखों को पूरी दुनिया में न सिर्फ सरकारी कार्यों में सहायता करते हुए, बल्कि लंगर सेवा द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करते देख बेहद खुशी होती है। बादल ने लोगों से अनुरोध किया कि वह सरकार का सहयोग करें और सिखों द्वारा दुनिया भर में चलाई जा रही लंगर सेवा में आगे आकर योगदान दें।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने रविवार को पटियाला की सब्जी मंडी में तैनात पुलिस अधिकारियों पर हुए वहशी हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हमारे पुलिस अधिकारियों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है, जो कोरोना वायरस के मद्देनजर हमारी सुरक्षा के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह हमला कुछ असामाजिक तत्वों की तरफ से हमारे पुलिस अधिकारियों पर अमानवीय हिंसा को दर्शाता है जबकि पुलिस अधिकारी सामाजिक दूरी और कर्फ्यू को यकीनी बनाने के लिए अपना फर्ज निभा रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हिंसा की यह घिनौनी कार्रवाई, जो विशेष तौर पर पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध की गई, जिसमें कई पुलिस अधिकारी बहुत गंभीर जख्मी हुए, पूरी तरह अमानवीय असहनीय है और ऐसी कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पटियाला कांड की निंदा
पटियाला में निहंग सिंहों की ओर से पुलिस पर हमले की भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कड़ी निंदा की है। शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पुलिस मुलाजिम प्रदेश की जनता को इस महामारी से बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन-रात बिना ड्यूटी कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि अगर हम लोगों को किसी कारणवश बाहर निकलना भी पड़ता है तो बिना कर्फ्यू पास के घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
पुलिस कर्मियों की ओर से रास्ते में रोके जाने पर हमें रुकना चाहिए और अगर वह कर्फ्यू पास मांगते हैं तो दिखाना चाहिए। शर्मा ने मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के मुताबिक कड़ी से कड़ी करवाई होनी चाहिए ताकि आगे से कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले दस बार सोचे और प्रदेश में कानून-व्यवस्था कायम रह सके।