चंडीगढ़। पंजाब के ग्रामीण इलाकों के कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार कम हो रही है। ज्यादातर युवा आगे की पढ़ाई और नौकरी के लिए कनाडा और यूके जा रहे हैं। इसका कारण है कि क्षेत्रीय कॉलेजों में एक्सपोजर केसाथ नौकरी दिलवाने वाले कोर्स और उस स्तर की शैक्षणिक व्यवस्था नहीं है। तीन अगस्त को होने वाले टेक्निकल एंड प्रोफेशनल कॉलेज कांस्टीट्यूएंसी के उम्मीदवारों से बात करने पर उन्होंने यह मुद्दा उठाया। इसके साथ ही कोरोना काल में शिक्षकों की तनख्वाह के मुद्दों पर चुनाव प्रचार किया जा रहा है।
अबोहर के कॉलेज से प्रोफेसर और स्टाफ कैटेगरी के उम्मीदवार विपुल कुमार नारंग ने बताया कि उनके क्षेत्र के ज्यादातर युवा वहां के क्षेत्रीय कॉलेजों में पढ़ने की बजाय बेहतर भविष्य के लिए बारहवीं के बाद ही विदेशों में जा रहे हैं। अन्य विद्यार्थी मेट्रो सिटी और चंडीगढ़ के किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए पलायन कर जाते हैं। इस कारण वहां के कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम रह गई है। इसके कारण ये हैं कि क्षेत्रीय कॉलेजों से पढ़ने के बाद वहां नौकरी के अवसर नहीं है, न ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का माहौल है। इनके साथ कोरोना काल में शिक्षकों को तनख्वाह की भी परेशानी आ रही है। चुनाव के लिए इन्ही मुद्दों पर प्रचार किया गया है। पहले भी दो बार सीनेट में रह चुका हूं। अगर इस बार मौका मिलता है तो कॉलेज में नए कोर्स स्किल कोर्स शुरू करने पर काम किया जाएगा।
शिक्षकों के वेतन मुद्दे व शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर जोर
लुधियाना के कॉलेज से अस्सिटेंट प्रोफेसर और स्टाफ कैटेगरी के उम्मीदवार गुरमीत सिंह ने बताया कि चुनाव प्रचार शिक्षकों की तनख्वाह के मुद्दों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार पर किया जा रहा है। वहीं हम गवर्नेंस रिफॉर्म के नाम पर पंजाब के दूर-दराज के कॉलेजों को यूनिवर्सिटी से अलग करने के विरोध करने वाले कॉलेजों केभी साथ खड़े हैं। अगर सीनेट में आते हैं तो इस मुद्दे पर प्रमुखता से आवाज उठाई जाएगी। पंजाब के लगभग सभी कॉलेजों में जाकर चुनाव प्रचार किया, अभी टेलीफोन पर ही शिक्षकों से विभिन्न मुद्दों पर बात की जा रही है।
प्रिंसिपल में पांच और स्टाफ कैटेगरी में चार उम्मीदवार
तीन अगस्त को होने वाले टेक्निकल एंड प्रोफेशनल कॉलेज कांस्टीट्यूएंसी में प्रिंसिपल कैटेगरी में पांच उम्मीदवार हैं। इसमें पंजाब और चंडीगढ़ से मिलाकर कुल 78 मतदाता हैं। वहीं स्टाफ कैटेगरी में चार उम्मीदवार हैं और पंजाब व कॉलेज से कुल 825 मतदाता हैं। प्रिंसिपल कैटेगरी के उम्मीदवारों में लुधियाना से प्रिंसिपल नीतू ओहरी, श्री मुक्तसर साहिब से संदीप कटारिया, चंडीगढ़ से सविता कंसल और मुक्तसर साहिब से तरलोक बंधू हैं। स्टाफ कैटेगरी के उम्मीदवारों में लुधियाना से अस्सिटेंट प्रोफेसर गुरमीत सिंह, चंडीगढ़ से अस्सिटेंट प्रोफेसर नीरू मलिक, चंडीगढ़ से प्रोफेसर प्रो. सुरेश कुमार और अबोहर से प्रोफेसर विपुल कुमार नारंग शामिल है। इसमें प्रोफेसर सुरेश कुमार को छोड़कर अन्य तीन उम्मीदवार पहले भी सीनेट में रह चुके हैं।
शहर के इन कॉलेजों से हैं मतदाता
ब्राहाश्री योग ट्रेनिंग कॉलेज-19, चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर-12, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी-26, देव समाज कॉलेज ऑफ एजुकेशन-36, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट्स-10, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन-20, गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ योग एंड हेल्थ-23, गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज-10, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल-32, होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल-26, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल ट्रेनिंग एंड रिसर्च-26, गवर्नमेंट रिहेबिलेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलैक्चुअल डिस्एबिलिटिज-31 के शिक्षक मतदाताओं की सूची में शामिल हैं।