स्कूल में बच्चों को ‘गुड टच, बैड टच’ के बारे में बताने का फायदा यह हुआ कि एक बच्ची ताऊ की बुरी नीयत से बच गई। उसकी बुरी हरकतों का राज खुल गया और समय रहते बच्ची अनहोनी का शिकार होने से बच गई। बच्ची ने समय रहते स्कूल टीचर को इस बारे में बता दिया।
टीचर को समझते देर नहीं लगी और उन्होंने प्रिंसिपल, अभिभावकों के साथ ही पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के बाद बच्ची के ताऊ के खिलाफ आईपीसी की धारा 354ए, 506 और पॉक्सो एक्ट 10, 12 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
शहर की दस वर्षीय बच्ची एक निजी स्कूल में चौथी क्लास में पढ़ती है। बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे शारीरिक शोषण के मामलों को देखते हुए स्कूल की ओर से बच्चों को ‘गुड टच, बैड टच’ के बारे में जानकारी देने के लिए वर्कशॉप आयोजित की गई।
इसमें विशेषज्ञों ने बच्चों को परिजनों, रिश्तेदारों, आस पड़ोस के लोगों समेत अन्य जानकारों या अंजान लोगों द्वारा छूने पर उसके पीछे की मंशा के बारे में बताया। बच्चों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
वर्कशॉप के बाद पीड़ित बच्ची अपनी टीचर के पास पहुंची और उन्हें उनके ताऊ के द्वारा बैड टच के बारे में बताया। इस पर स्कूल टीचर समझ गई कि मामला क्या है। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी प्रिंसिपल और बच्ची के अभिभावकों के अलावा पुलिस को दी। बच्ची की मां ने स्कूल प्रबंधन और बच्ची से बात करने के बाद पुलिस में शिकायत दी।
शिकायत के बाद सेक्टर-39 थाना पुलिस ने पीड़ित बच्ची के ताऊ के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को बच्ची के मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के बयान दर्ज कराए गए। साथ ही आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।