मेयर चुनाव के बाद भाजपा अध्यक्ष को भी बदलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 13 जनवरी तक चंडीगढ़ को नया भाजपा का अध्यक्ष मिल जाएगा। जबकि 13 जनवरी को संजय टंडन को अध्यक्ष पद पर रहते हुए 7 साल हो जाएंगे। ऐसे में मेयर चुनाव के बाद भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए लॉबिंग शुरू हो जाएगी। जो भी नया अध्यक्ष बनेगा उसी के नेतृत्व में अगला लोकसभा चुनाव होगा।
टंडन चाहते हैं कि वह अपने ही किसी करीबी को नया अध्यक्ष बनाएंगे। जबकि सांसद किरण खेर, सत्यपाल जैन और हरमोहन धवन यह नहीं चाहते हैं। वह अपने किसी करीबी को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। इससे पहले भी भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया छह माह पहले शुरू हो गई थी लेकिन पार्टी ने नगर निगम चुनाव के कारण टंडन को ही अध्यक्ष की कुर्सी की एक्सटेंशन दे दी थी। संजय टंडन ऐसे चंडीगढ़ के पहले अध्यक्ष हैं, जिन्हें कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद एक साल की एक्सटेंशन दी गई हो।
अध्यक्ष पद के ये हैं दावेदार
नए अध्यक्ष के लिए मेयर अरुण सूद, सतिंदर सिंह, देवेश मोदगिल, रघुवीर लाल अरोड़ा, चंद्रशेखर, धमेंद्र त्याल, विनीत जोशी के साथ साथ प्रेम कौशिक दावेदार हैं। सूद के मेयर का कार्यकाल भी 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। हाईकमान 50 साल से कम आयु के किसी नेता को अध्यक्ष बनाना चाहता है।
टंडन को तीसरी बार नहीं बनाया जा सकता है अध्यक्ष
संजय टंडन का कार्यकाल जनवरी 2016 में ही समाप्त हो चुका है। संविधान के अनुसार टंडन तीसरी बार अध्यक्ष नहीं सकते हैं। वह पिछले 7 साल से अध्यक्ष हैं।