सोशल मीडिया पर चल रही बच्चा चोर गिरोह की वीडियो और मारपीट की घटनाओं की अफवाहों के बीच रविवार को शहर के मोती चौक पर एक ऐसी ही घटना हुई। भीड़भाड़ वाले इस इलाके में एक युवक अपनी भांजी को स्कूटी पर बैठा कर ले जा रहा था। घंटेश्वर मंदिर के पास स्कूटी का तेल खत्म हो गया। मासूम भांजी रोने लगी। बस फिर क्या...भीड़ ने उसे बच्चा चोर समझ कर पकड़ लिया। पहले पिटाई की और फिर पुलिस को सूचना दे दी। राहत की बात यह है कि पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूछताछ की तो यह अफवाह निकली। पुलिस ने पूछताछ के बाद युवक को छोड़ दिया है।
सेक्टर-3 में किराए के मकान पर रहने वाले 16 वर्षीय संदीप अपनी तीन साल की भांजी को स्कूटी पर बैठाकर घर जा रहा था। रविवार दोपहर करीब ढाई बजे मोती चौक के पास उसकी स्कूटी का तेल खत्म हो गया। स्कूटी पर बच्ची बैठी हुई थी और वह पैदल ही स्कूटी को लेकर चल रहा था।
घंटेश्वर मंदिर के सामने स्कूटी पर बैठी बच्ची रोने लगी। कुछ लोगों की नजर बच्ची और संदीप पर पड़ गई। फिर भीड़ ने बच्चा चोर कहकर शोर मचा दिया। देखते ही देखते भीड़ बढ़ गई और संदीप के साथ हाथापाई होनी शुरू हो गई। संदीप इससे पहले कुछ समझ पाता, किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी।
सूचना के बाद पहले नजदीक ही गोकल गेट चौकी से पुलिसकर्मी पहुंचे और कुछ देर बाद ही सिटी पुलिस भी पहुंच गई। युवक को थाना लाया गया, जहां पूछताछ की गई तो पता चला कि वास्तव में बच्ची उसकी भांजी है। पुलिस ने संदीप के परिजनों को भी थाना बुला लिया। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है। पुलिस संदीप के साथ किसी भी प्रकार की हाथापाई से इंकार कर रही है।
भीड़ को संदीप पर शक था। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली वहां पहुंच गई। थाने लाकर पूछताछ की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। बच्ची उसकी सगी भांजी थी। संदीप के साथ भीड़ में किसी प्रकार की हाथापाई नहीं हुई।
- राजदीप, एसएचओ शहर थाना