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Chandigarh: भारी पड़ सकती है पुराने सिक्के और नोट बेचने की चाहत, चंडीगढ़ में सामने आया सावधान करने वाला मामला

Tue, 05 Dec 2023 04:12 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अगर आप भी पुराने नोट और सिक्के बेचकर लाखों-करोड़ों रुपये कमाने की चाहत रखते हैं तो यह खबर आपको सावधान करने वाली है। चंडीगढ़ में एक सेवानिवृत्त वेटरनरी इंस्पेक्टर को पुराने सिक्के बेचना बहुत भारी पड़ गया।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पंजाब सरकार से रिटायर एक वेटरनरी इंस्पेक्टर को पुराने सिक्के और नोट फेसबुक पर एक विज्ञापन देखकर बेचना महंगा पड़ गया। 50 लाख रुपये की डील के चक्कर में उनसे 6.69 लाख रुपये की ठगी हो गई। मामला चंडीगढ़ का है। 

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साइबर अपराध पुलिस थाने में धोखाधड़ी, धमकाने और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता सेक्टर-41डी के विनोद कुमार के मुताबिक उन्हें फेसबुक पर एक विज्ञापन नजर आया था। यह पुराने सिक्कों को बेचने से जुड़ा था। दरअसल, उनके पास कुछ पुराने सिक्के थे। वहीं, यह फर्जी विज्ञापन पुराने सिक्कों और नोट की सेल से जुड़ा था। दिए नंबर पर कॉल करने पर ठगों ने कहा कि वह राज ज्ञानी ओल्ड क्वाइन कंपनी नामक फर्म से हैं। एक ठग ने शिकायतकर्ता से प्रबंधक बनकर बात की। शिकायतकर्ता ने ठगों को अपने पुराने सिक्कों और नोटों की फोटो व्हाट्सएप कर दी।

ठगों ने कहा कि इनके बदले एक करोड़, पांच लाख रुपये देंगे। ठगों ने शिकायतकर्ता को यह पुराने सिक्के और नोट बेचने की प्रक्रिया बताई। इसके बाद कहा कि आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत पुराने सिक्कों को बेचने के लिए सेल सर्टिफिकेट बनेगा। इसके लिए साढ़े चार सौ रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता से आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने को कहा गया। इस पर उन्होंने पैन कार्ड, फोटो, बैंक खाते की जानकारी और आधार कार्ड की जानकारी दी। क्यूआर कोड स्कैन कर साढ़े चार सौ रुपये जमा करवा दिए गए।

बाद में 50 लाख रुपये की डील तय हुई

आरोपियों ने बाद में रकम कम कर डील 50 लाख रुपये में तय की। शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये सुरक्षा डिपॉजिट के नाम पर मांगे गए। यह रकम गूगल पे पर जमा करवाने के बाद भी ठग कई नंबरों से कॉल करने लगे और फिर से रकम मांगने लगे। कहा गया कि यह रकम जीएसटी, सिक्योरिटी मनी और बाकी छोटे-मोट चार्ज के लिए है।

पुलिस अधिकारी की तस्वीर भेज कर धमकाया

एक ठग ने कहा कि उनकी रकम टीम के साथ भेज दी गई है मगर गाड़ी खराब हो गई है और उसकी मरम्मत का खर्च भी मांगा गया। यह रकम भी शिकायतकर्ता ने दे दी। एक बड़े पुलिस अधिकारी की तस्वीर शिकायतकर्ता को भेज धमकाया गया और रकम भेजने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने घबरा कर परिवार को भी कुछ नहीं बताया। शिकायतकर्ता ने वह पूरी रकम ठगों को दे दी जो उनके पास थी। ठग बाद में भी उन्हें रकम जमा करवाने को कहते रहे, जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई।

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