पंचकूला सीबीआइ कोर्ट द्वारा राम रहीम को दोषी करार देने के बाद पैदा हुई स्थिति के चलते पंचकूला के जजों को दी गई पैरामिलिट्री फोर्स की सुरक्षा हटाने की हरियाणा सरकार की अपील हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्ण पीठ ने पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के आदेश दिए थे, जिस पर पंचकूला के सभी जजों की सुरक्षा में उनके निजी सुरक्षा कर्मियों के अतिरिक्त पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई थी। हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट में एक अर्जी देकर कोर्ट से आग्रह किया था कि अब हालात बदल गए हैं।
राज्य से सभी पैरामिलिट्री फोर्स जा चुकी हैं, ऐसे में पंचकूला के न्यायिक अधिकारियों को भी अब कोई खतरा नहीं है। इन दलीलों के साथ ही जजों की सुरक्षा से पैरामिलिट्री फोर्स हटाने की इजाजत मांगी गई थी।
सरकार हर माह सुरक्षा की रिव्यू करे
बुधवार को सरकार की इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पैरामिलिट्री फोर्स हटाने की इजाजत देते हए सरकार को कहा कि वो हर महीने सुरक्षा रिव्यू करे और उसके अनुसार हरियाणा सरकार की सुरक्षा जजों को दी जाए। सरकार ने कहा था कि राम रहीम को सजा सुनाने वाले सीबीआई जज जगदीप को जेड प्लस सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया था।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि दिसंबर में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं और चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में अब वहां पर शांतिपूर्वक तरीके से चुनाव करवाए जाने के लिए इन दोनों ही राज्यों में बड़े पैमाने पर अर्ध-सैनिक बलों की जरूरत है। लिहाजा पंचकूला से इन्हें जल्द से जल्द दोनों राज्यों में भेजा जाए। हाईकोर्ट ने केंद्र को इसकी इजाजत दे दी है।