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Punjab: श्री अकाल तख्त के जत्थेदार समेत 424 VIP की सिक्योरिटी वापस, भगवंत मान सरकार ने लिया फैसला

Sat, 28 May 2022 09:46 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में राजनेताओं को मिली हुई सुरक्षा में भगवंत मान सरकार द्वारा लगातार कटौती की जा रही है। इससे पहले सरकार तीन बार वीआईपी की सुरक्षा में कटौती कर चुकी है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पंजाब में वीआईपी सुरक्षा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिर कटौती कर दी है। चौथी बार की गई इस कटौती में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सहित डेरे के मुखी, तीन एडीजीपी, कई पूर्व विधायक सहित 424 लोग शामिल हैं। इन वीआईपी की सुरक्षा में तैनात लगभग 3000 पुलिसकर्मियों को अब सामान्य ड्यूटी के तहत आम लोगों की सुरक्षा में लगाया जाएगा।

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इस फैसले से पहले पंजाब सरकार तीन बार वीआईपी की सुरक्षा में कटौती कर चुकी है। इसके तहत अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल, पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल, पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी सहित आठ बड़े नेताओं की सुरक्षा घटाते हुए 129 पुलिसकर्मियों और 9 पायलट वाहनों को वापस बुलाया जा चुका है। अब चौथी बार एक बार फिर मुख्यमंत्री ने 424 वीआईपी की सुरक्षा में कटौती का फैसला लिया है। 

कब-कब हटाई गई सुरक्षा

  • 13 मार्च को 122 पूर्व विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा वापस ली गई।
  • 23 अप्रैल को 184 पूर्व मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा वापस ली गई।
  • 11 मई को आठ वीआईपी की सुरक्षा वापस ली गई।  

कई बड़े नाम शामिल

इस बार जिन वीआईपी की सुरक्षा वापस ली गई उनमें कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास, डेरा रूमीवाला, भुच्चो मंडी बठिंडा के मुखी बाबा सुखदेव सिंह, डेरा सचखंड बल्लां के मुखी संत निरंजन दास जी, लुधियाना स्थित भैणी साहिब के मुखी सतगुरु उदय सिंह, दरबार साहिब के मुखिया ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह सहित पुलिस के एडीजीपी एसके अस्थाना, एलके यादव, एमएफ फारूखी, प्रवीण कुमार सिन्हा, शशि प्रभा द्विवेदी, वी नीरजा, आईजी जतिंदर औलख, गौतम चीमा, गुरिंदर सिंह ढिल्लों, अनन्या गौतम, डीआईजी नीलांबरी जगदले, डीसीपी जतिंदर मंड पुलिस अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस के लगभग सभी पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कटौती की गई है। कांग्रेस केे पूर्व सांसद शमशेर सिंह दूलो और राजीव शुक्ला से भी सुरक्षा वापस ली गई है। सुरक्षा में कटौती किए जाने वालों में पंजाबी गायक शुभदीप सिंह सिद्धू मूसेवाला का नाम भी शामिल है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा, पूर्व सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा और भाजपा नेता फतेहजंग बाजवा की सुरक्षा घटाई गई है।
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जत्थेदार बोले-मुझे पंजाब पुलिस की सुरक्षा की जरूरत नहीं

सुरक्षा हटाए जाने पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि अब उनके पास तीन सरकारी सुरक्षा कर्मचारी रह गए हैं, जिनको वापस किया जा रहा है। इसके लिए उनकी ओर से अपने सचिव को कह दिया है कि सरकार के साथ बात करके उनके रह गए सुरक्षाकर्मी भी वापस भेज दिए जाएं। मुझे किसी भी तरह की पंजाब पुलिस की सुरक्षा की जरूरत नहीं है। सिख कौम के नौजवान ही उनकी सुरक्षा के लिए काफी हैं। 

श्री अकाल तख्त के जत्थेदार की सुरक्षा बहाल, लेने से इनकार किया

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने शनिवार को दावा किया कि पंजाब सरकार ने अकाल तख्त जत्थेदार का ‘सुरक्षा कवर’ आंशिक रूप से हटाए जाने के बाद बहाल कर दिया है, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, एसजीपीसी के दावे पर अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिंह का सुरक्षा कवर पंजाब पुलिस द्वारा आंशिक रूप से हटाए जाने के बाद जत्थेदार ने कहा कि वह शेष पुलिसकर्मियों को भी वापस भेज देंगे। बाद में, शीर्ष गुरुद्वारा निकाय एसजीपीसी ने कहा कि राज्य सरकार ने अकाल तख्त जत्थेदार की सुरक्षा बहाल कर दी है, लेकिन उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया है। 

फतेहजंग बाजवा ने दी कोर्ट जाने की धमकी

फतेहजंग बाजवा ने कहा कि हमारे परिवार ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश और राज्य के लिए बलिदान दिया है। हमारे परिवार पर बमबारी की गई है। मेरी सुरक्षा उच्च न्यायालय के द्वारा प्रदान की गई है। मेरी सुरक्षा पंजाब सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार जल्द सुरक्षा वापस नहीं देगी तो वह न्यायालय की शरण लेंगे।
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