चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय से महज 200 मीटर दूर शराब ठेके पर ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्रोई का नाम सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, लॉरेंस के कहने पर ही सेक्टर-9 स्थित शराब ठेके पर गोलियां बरसाई गईं, जिसका जिम्मा लॉरेंस ने चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में उसका कारोबार संभाल रहे अंबाला के छन्नन कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय वेंकट गर्ग को सौंपा था।
पुलिस ने अंबाला के नारायणगढ़ से वेंकट को दबोच लिया है। उसे जिला अदालत में पेश कर चार दिन का पुलिस रिमांड भी हासिल किया है। सूत्रों के अनुसार काफी समय से वेंकट गैंगस्टर लॉरेंस बिश्रोई के संपर्क में रहकर उसका कारोबार आगे बढ़ा रहा है। लॉरेंस का राइट हैंड वेंकट चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग जगहों से मिलने वाली रंगदारी और गोलीबारी समेत अन्य आपराधिक वारदात को अंजाम देने का काम करता है।
पिहोवा और हिसार के दो शूटरों से कराई फायरिंग
पुलिस सूत्रों का कहना है कि सेक्टर-9 शराब ठेके पर फायरिंग करवाने के लिए वेंकट ने हरियाणा के पिहोवा और हिसार के रहने वाले दो शूटरों का इंतजाम किया। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो रहे दोनों शूटरों को अंबाला स्थित अपने ठिकानों पर छिपने की पनाह दी। इसके बाद शूटर अगले दिन हरियाणा के अलग अलग जगहों पर फरार हो गए। वहीं, गिरफ्तारी के बाद वेंकट ने दोनों शूटरों के नाम भी उगले हैं।
शूटरों को दबोचने टीम रवाना
पुलिस शूटरों को दबोचने के लिए हरियाणा समेत पंजाब के अलग-अलग ठिकानों पर रवाना हो गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दूसरी तरफ, पुलिस सूत्रों के अनुसार दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है, जिसे लेकर पुलिस आज खुलासा कर सकती है। वहीं, पुलिस अब वारदात में इस्तेमाल होंडा अमेज की भी जांच कर रही है।
वेंकट है कई मामलों में वांछित
पुलिस जांच में सामने आया कि वेंकट गर्ग ने अंबाला के एक कॉलेज से पढ़ाई की है। कॉलेज के दौरान उससे कई छात्र नेताओं समेत अन्य स्टूडेंट में फायरिंग समेत मारपीट हुई, जिसमें वह मुख्य आरोपी था। इसके बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्रोई के संपर्क में आया और उसका करीबी बनकर आपराधिक वारदात को अंजाम देने लगा। पुलिस के अनुसार, वेंकट पर हरियाणा के अलग-अलग जगहों पर ऑर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत अन्य मामलों में उसके खिलाफ केस दर्ज है।
शराब कारोबारी ने कहा-नहीं आई कोई रंगदारी की कॉल
सेक्टर-9 शराब कारोबारी रामअवतार बत्रा ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। कुछ लोगों के साथ उनका पैसों को लेकर विवाद चल रहा था, जिसे पुलिस ने बाद में वेरीफाई भी किया था। उन्होंने बताया कि वारदात के बाद से अब तक उनके पास कोइ मैसेज और न ही कोई रंगदारी की कॉल आई है।
ऐसे हुई थी वारदात
बीते 2 जून की रात को सेक्टर-9 स्थित शराब ठेके पर गोलियां बरसाते दो शूटर सीसीटीवी में कैद हुए थे। इनमें से एक शूटर अपने दोनों हाथों का इस्तेमाल कर ताबड़तोड़ ठेके पर गोलियां बरसाकर फरार हो गया। वारदात में ठेके पर काम करने वाले राजेश के बाजू में दो गोलियां लगीं, अन्य दो करिंदों मदन व पवन को दुकान में लगे शीशा के टूटने से जख्मी हुए। ठेका मालिक राम अवतार बत्रा के रिश्तेदार अंकुर नारंग को गोलियों के छर्रे लगे। पुलिस की जांच में सामने आया था कि आरोपी चंडीगढ़ की होंडा अमेज नंबर कार से सेक्टर-9/10की डिवाइडिंग की तरफ फरार हुए थे।