चंडीगढ़ में सेक्टर-39 स्थित अनाज मंडी का निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जबकि इसे वर्ष 2016 में ही तैयार होना था। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से वर्ष 2016 में अनाज मंडी तैयार करने का आदेश दिया था, जिसे यूटी प्रशासन तीन वर्ष बाद भी तैयार नहीं कर सका है।
हाईकोर्ट ने जब 2016 में मंडी के अधूरे निर्माण के बारे में पूछा तो जवाब में प्रशासन ने 6 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का दावा करते हुए समय मांगा था लेकिन छह महीने की जगह डेढ़ साल का समय बीतने के बाद भी प्रशासन मंडी को पूरी तरह तैयार नहीं करा पाया है।
सेक्टर-26 स्थित ग्रेन मार्केट के प्रधान रामकरण गुप्ता ने बताया कि अनाज मंडी का निर्माण कार्य पूरा न होने का कारण तो वह नहीं बता पाएंगे लेकिन अनाज मंडी में न तो प्रशासन ने व्यापारियों के लिए शेड बनाए हैं और न ही गोदाम और शौचालय हैं। ऐसे में व्यापारी वहां पर शिफ्ट करके भी क्या करेंगे। जहां उनके लिए पीने के पानी तक की भी उचित व्यवस्था नहीं। ब
ता दें अनाज मंडी में अभी तक केवल पैडी की ही ऑक्शन होती है।
200 दुकानों का किया था दावा, एक भी बनकर तैयार नहीं
प्रशासन ने व्यापारियों से दावा किया था कि वह अनाज मंडी में 200 दुकानें बनाएगा लेकिन अभी तक मंडी में एक भी दुकान नहीं बनाई गई है। वहीं व्यापारियों के लिए पांच शौचालय तो बनाए लेकिन जिनमें एक का भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। कइयों पर तो प्रशासन ने अधूरी तैयारी होने पर ही ताला लगा दिया जबकि कुछ में सीमेंट स्लैब तो बनी है, लेकिन उनमें न तो वॉश बेशन बनाए गए हैं और न ही टॉयलेट सीट लगी है।
बिजली और सुरक्षा की व्यवस्था जीरो
व्यापारियों की मानें तो प्रशासन सेक्टर-39 स्थित मंडी में सेब आढ़तियों को बुलाने पर अड़ा है लेकिन वहां पर न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा की। ऐेसे में वहां पर किसी व्यापारी के साथ कोई बड़ी घटना हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। बता दें सेब पर दो फीसदी फीस होने के कारण चंडीगढ़ से 80 प्रतिशत आढ़ती पंचकूला में शिफ्ट हो चुके हैं।
वहीं 4 से 5 के करीब चावल व्यापारी चावल पर 4 प्रतिशत फीस के कारण शिफ्ट कर चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन चावल और सेब पर फीस नहीं हटाएगा तो भविष्य में प्रशासन को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
अब तक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) फाइनल नहीं हो पाई है। इसके चलते निर्माण कार्य रुका हुआ है। उपायुक्त के छुट्टियों से लौटते ही रिपोर्ट फाइनल कर दी जाएगी।
- नाजुक कुमार, आईएएस, मंडी प्रशासक, चंडीगढ़