सेक्टर 38 के गुरुद्वारे के सामने होशियापुर के खुरदा गांव के सरपंच सतनाम सिंह की अप्रैल माह में दिनदहाड़े हत्या की जांच से एनआईए ने पल्ला झाड़ लिया है। एजेंसी ने कहा कि यह मामला नेशनल सिक्योरिटी का नहीं है जिसकी वे जांच करें। वैसे भी इस प्रकार के मामलों की जांच सीबीआई कर सकती है और एनआईए के पास संसाधन मौजूद नहंी है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई पर सीबीआई को इस बारे में जवाब दाखिल करना होगा।
सीबीआइ जांच के मुद्दे पर अगली सुनवाई पर अपना पक्ष रखेगी। वीरवार को चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से कोई वकील पेश न होने के कारण मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई। इस मामले में परमिंदर सिंह द्वारा दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया है कि उसके भाई सतनाम सिंह की हत्यारों में कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर सहित कुछ आतंकी भी शामिल हैं, जिनकी तलाश न सिर्फ पंजाब पुलिस बल्कि कई अन्य राज्यों की पुलिस भी कर रही है।
इन आरोपियों पर कई अन्य लोगों की हत्या और लूटपाट के मामले दर्ज हैं। याचिकाकर्ता के पिता और चाचा की वर्ष 1990 में आतंकियों ने हत्या की थी। ऐसे में इस मामले की जांच एनआईए या सीबीआई से ही करवाई जानी चाहिए। साथ ही हाईकोर्ट को बताया गया कि चंडीगढ़ पुलिस इस मामले को हल करने में पूरी तरह नाकाम रही है। पुलिस ने अभी तक इस हत्याकांड के सिर्फ तीन आरोपियों तीरथ, अर्शदीप और चरणप्रीत को ही गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।