उन्होंने कहा कि विभागों के अधिकारी जो फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में आते हैं, वे टीका लगवाकर एक उदाहरण प्रस्तुत कर अन्य लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि पहले चरण में किसी कारणवश जो हेल्थ केयर वर्कर्स टीका नहीं लगवा सके हैं, उन्हें टीका लगवाने के लिए एक और अवसर दिया जा रहा है और वे अब 15 फरवरी तक टीकाकरण करवा सकते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि कोविड-19 वैक्सीन रोल आउट के पहले चरण में हरियाणा देश में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल है। हरियाणा में लगभग 1 लाख 25 हजार हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगाया गया है। अब दूसरे चरण की भी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह ने बताया कि दूसरे चरण के लिए सात फरवरी 2021 तक सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स का पंजीकरण को-विन पोर्टल पर किया जाएगा। फ्रंटलाइन वर्कर्स की श्रेणी में राजस्व, पंचायती राज संस्थान, जेल, राज्य पुलिस, होमगार्ड, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। अभी तक पोर्टल पर दूसरे चरण के लिए लगभग 1 लाख 10 हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स का पंजीकरण हो चुका है। राज्य में कोविड वैक्सीन की 7 लाख 23 हजार डोज केंद्र सरकार से प्राप्त हुई हैं।
हरियाणा के कई जिलों में कोरोना के केस खत्म होने लगे हैं। प्रदेश के नौ बड़े जिलों में मंगलवार को एक भी केस सामने नहीं आया, जबकि दस जिलों में 10 से कम मामले आए हैं। केवल गुरुग्राम में 29 और पंचकूला में 12 केस मिले हैं। नए आंकड़े जहां प्रदेशभर के लोगों के लिए राहत भरे हैं वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इसे अच्छा संकेत मान रहे हैं।
मंगलवार को पलवल जिले में कोरोना से एक मरीज की मौत हुई है। संक्रमण के 78 नए केस आए हैं, जबिक 103 मरीज ठीक हुए हैं। इस समय प्रदेश में रिकवरी दर 98.48 हो गई है, जबकि मृत्यु दर मात्र 1.13 प्रतिशत है। हिसार, पानीपत, रेवाड़ी, सिरसा, भिवानी, झज्जर, फतेहाबाद, नूंह और चरखी दादरी में एक भी केस नहीं आया है। इसी प्रकार, सोनीपत में 3, फरीदाबाद में 7, अंबाला 2, करनाल 5, रोहतक 1, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर में 3-3, महेंद्रगढ़ 1 और कैथल में संक्रमण के 10 मामले मिले हैं।