हरियाणा के 'दूसरे खेमका' कहे जाने वाले आईएएस अधिकारी प्रदीप कासनी ने आयोगों में हुई नियुक्तियों को लेकर एक बार फिर से प्रदेश सरकार के लिए संकट खड़ा कर दिया है।
उन्होंने राज्य की मुख्य सचिव को पत्र लिखकर उनके उत्पीड़न को बंद किए जाने की मांग है। कासनी ने आयोगों में हुई नियुक्तियों की परतें उधेड़ते हुए मुख्य सचिव को यह पत्र लिखा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पांच दिन पहले लिखे गए इस पत्र को भाजपा ने लपक लिया है।
लिहाजा, चुनाव में भाजपा इस मुद्दे का लाभ लेने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में कासनी ने कहा है कि सरकार उन्हें बिना किसी उचित कारण के प्रताड़ित कर रही है। यह सस्तेपन की हद है।
नए विवाद पर प्रदीप कासनी का पक्ष
प्रदीप कासनी ने बताया कि आयोगों में हुई नियुक्तियों के मामले में सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश कर दिए। जिसके बाद विजिलेंस अधिकारी उनके पास जांच के लिए आए। हमने आयोगों की नियुक्तियों से संबंधित सभी फाइलें शपथ ग्रहण से पहले ही मुख्यमंत्री के पास भेज दी थीं।
अब सरकार फाइल पर उस नोट के गायब होने की बात कह रही है, जो फाइल पर है ही नहीं। मेरे आफिस में पुलिस को भेजने का मतलब क्या है। फाइलों पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर करवाने के बाद मैं खुद राज्यपाल के पास फाइलें लेकर गया था। फाइलों में गवर्नर के पास जाने तक कोई हेराफेरी नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि गवर्नर ने जब अपने साइन कर दिए, उसके बाद फाइलों के साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा कि जब नए राज्यपाल ने शपथ ग्रहण कर लिया और नए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शपथ दिलवाने के लिए अधिकृत नहीं किया, ऐसे में मुझे सीएम हाउस बुलवाकर शपथ दिलवाने के लिए दबाव डाला जाना गलत है।
मैंने मुख्य सचिव से पत्र लिखकर यह कहा है कि जिन्होंने मुख्यमंत्री को इस मामले में भ्रमित किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसलिए चर्चा में हैं प्रदीप कासनी
प्रदीप कासनी ने सचिव प्रशासनिक सुधार रहते हुए हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न आयोगों में की जा रही नियुक्तियों को गलत ठहराते हुए उनसे संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।
इस प्रकरण के बाद उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया। काडा प्रशासक के पद पर रहने के दौरान उनके पास इन्हीं नियुक्तियों से संबंधित एक दस्तावेज के गुम होने को लेकर विजिलेंस का एक अधिकारी जांच के लिए पहुंचा। उसके बाद से कासनी भड़क गए और उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिख दिया।
इस मुद्दे पर हरियाणा भाजपा के चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'मेरे पास भी वह पत्र है, जो कासनी ने मुख्य सचिव को लिखा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता होती है। लिहाजा, हम जनता के बीच इस बात को लेकर जा रहे हैं।'