नेहा हत्याकांड के बाद उठी सेक्टर-38 के तीन अवैध रास्तों को बंद करने की मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। छात्रा नेहा अहलावत की हत्या 30 जुलाई 2010 को हुई थी।
सेक्टर-38 वेस्ट की एक्टिव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इन रास्तों का प्रयोग अपराधी करते हैं। इस कारण उनके इलाके में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं।
तीन दिन पहले नगर निगम कमिश्नर के साथ यहां के रेजिडेंट्स की फॉसवेक के बैनर तले हुई बैठक में भी यह मामला उठा था। कमिश्नर ने प्रशासन के वास्तुकार विभाग से मंजूरी मिलने के बाद इन रास्तों को बंद करने का आश्वासन दिया था।
सांसद ने भी दिया था फंड अवैध रास्ते बंद करने के लिए शहर के सांसद ने भी अपने कोष ने डेढ़ लाख रुपये की राशि दी थी। वास्तुकार विभाग की मंजूरी नहीं मिलने के कारण यहां पर दीवार का निर्माण नहीं हो पाया।
एक्टिव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह का कहना है कि नेहा हत्याकांड के बाद से लोग अवैध रास्ते बंद करने की मांग कर रहे है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
फॉसवेक अध्यक्ष पीसी सांघी का कहना है कि वे इस मांग को लेकर हाउसिंग बोर्ड और प्रशासन के अधिकारियों से मिल चुके हैं। पार्षद अरुण सूद का कहना है कि मुख्य वास्तुकार ने दीवार बनाने की मंजूरी देने का आश्वासन दिया है। आईजी आरपी उपाध्याय ने वहां पर पुलिस गश्त बढ़ाने की बात कही है।