चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में यहां काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चों को भी आसानी से दाखिला मिल सकेगा। इसके लिए विवि प्रशासन ने बीएससी में दो सीटें आरक्षित रखे जाने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही सभी कॉलेजों में एमएसएसी और पीएचडी के लिए भी एक-एक सीटें कर्मचारियों के बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाएंगी।
कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में ये फैसले लिए गए हैं। बैठक में विवि के कर्मचारियों के लिए दाखिले के दौरान सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी आरक्षण की पॉलिसी पर मुहर लगाई गई है। यानी जिन कर्मचारियों को एक ही बेटी है, उन बेटियों का दाखिला विवि में आसानी से हो जाएगा। विवि प्रशासन ने बेटी-बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की है।
एचएयू के तीनों नए कॉलेजों में इसी वर्ष से होंगे बीएससी के दाखिले
विवि कैंपस में चार कॉलेजों वाले चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विवि का इस वर्ष के अंत तक पूरी तरह से विस्तार हो जाएगा और विवि के पास आठ कॉलेज होंगे। विवि प्रशासन चारों नए कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया इसी वर्ष शुरू कर देगा। इन कॉलेजों में विवि का कॉलेज ऑफ फिशरीज, कॉलेज ऑफ बायो टेक्नोलॉजी और गुरुग्राम में बन रहा इंस्टीट्यूट ऑफ एग्री बिजनेस मैनेजमेंट एंड एंटरप्रन्योर शामिल हैं।
इन कॉलेजों में से कॉलेज ऑफ फिशरीज में एमएससी और पीएचडी में दाखिले पिछले वर्ष ही शुरू कर दिए गए थे, जबकि बीएससी में इस वर्ष दाखिले होने शुरू हो जाएंगे। इन नए कॉलेजों में चलने वाले, बीएएसी, एमएससी, पीएचडी सहित सभी कोर्सों के लिए कोर्स स्ट्रक्चर व सीटें आदि फाइनल कर दी गई हैं।
हमारे कर्मचारियों के बच्चे विवि में आसानी से दाखिला ले सकें, इसके लिए हमने कुछ सीटों का प्रावधान किया है। इसके अलावा नए कॉलेजों का कोर्स स्ट्रक्चर तैयार कर दिया गया है। इन कॉलेजों में इसी वर्ष दाखिले होंगे। बैठक में कोर्सों और विद्यार्थियों के दाखिले संबंधी त्रुटियों को भी दूर किया गया। - प्रो. केपी सिंह, कुलपति, एचएयू हिसार।