पंजाब के लुधियाना में इलाज के दौरान 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। मृतक युवक दीपक कुमार का अंतिम संस्कार करने के बाद उसकी राख में कैंची मिलने का मामला सामने आया है। पारिवारिक सदस्यों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दीपक कुमार के मामा प्रवीण कुमार ने बताया कि वह शुक्रवार को रामबाग में अपने भांजे दीपक की अस्थियां लेने गए थे। जहां अस्थियों में से एक कैंची मिली है।
दीपक के पेट में संक्रमण था। जिसके चलते उसे बरनाला के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया तो डॉक्टरों ने दीपक को बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी।
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परिवार के सदस्यों ने दीपक को लुधियाना के अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां डॉक्टरों ने कहा कि दीपक का ऑपरेशन करना पड़ेगा, जिस पर डेढ़-दो लाख रुपये का खर्च होंगे। पारिवारिक सदस्यों ने डॉक्टरों को ऑपरेशन करने को कह दिया। ऑपरेशन के बाद दीपक को आईसीयू में रखा गया, जहां दीपक का ब्लड प्रेशर कम होने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने दीपक को कोरोना होने की बात कही।
दीपक के मामा प्रवीण कुमार ने डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उनके भांजे को कोरोना था तो उसका ऑपरेशन क्यों किया गया। दीपक का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर नए थे, जिनकी लापरवाही के कारण उनके भांजे की जान गई है। लापरवाही करने वाले डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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