कोरोना की तीसरी लहर में केसों की संख्या घटने के साथ रियायत भी मिलनी शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग एक फरवरी से स्कूल खोलने जा रहा है। प्रथम चरण में कक्षा 10 से 12वीं तक के विद्यार्थी आ सकेंगे लेकिन कोविड की पहली वैक्सीन जिन्होंने लगवाई है, उन्हें ही आने की अनुमति है। इसके अलावा कक्षाएं ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लगेंगी।
स्कूल आने वाले विद्यार्थी अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर आएंगे। प्रथम चरण में कक्षा 10, 11 व 12 के विद्यार्थियों को ही बुलाया जा रहा है। 15 साल से ऊपर के विद्यार्थियों को कोरोना वैक्सीन की एक खुराक लगवाकर आना होगा, तभी ऑफलाइन कक्षाओं में शामिल होंगे। हालांकि, आदेश यह भी जारी किया गया है कि ऑफलाइन कक्षाओं में भाग लेना छात्रों को अनिवार्य नहीं है।
उपस्थिति स्वैच्छिक होगी और स्कूल अधिकारियों की ओर से छात्रों पर उपस्थिति का अनावश्यक जोर नहीं दिया जाएगा। ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी। निर्देश यह भी हैं कि स्कूल के शिक्षकों व कर्मचारियों को टीका लगवाना जरूरी है। इसमें उन्हीं लोगों को छूट दी जाए, जो किसी अन्य बीमारी आदि से पीड़ित हैं। स्कूल में सभी शिक्षक व समूह सी तक के कर्मचारी आएंगे। हर व्यक्ति व छात्रों को मास्क लगाकर आना होगा। शारीरिक दूरी का ख्याल रखना होगा। कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा।
पेक मंगलवार को खुलेगा, सोमवार से खुल सकती है पीयू
पेक भी मंगलवार से खुलने जा रहा है। पहले चरण में एमटेक व पीएचडी वाले विद्यार्थियों को बुलाया गया है। बीटेक छठे सेमेस्टर के विद्यार्थी भी आ सकेंगे। बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र 14 फरवरी से आएंगे। वहीं, पीयू खोलने को लेकर सोमवार को होने वाली बैठक नहीं हो सकी। हालांकि, अधिकारियों ने आपस में चर्चा जरूर की। सूत्रों का कहना है कि अगले सोमवार तक पीयू खोल दी जाएगी। परास्नातक के सभी विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्र भी कैंपस आ सकते हैं। हालांकि, मंगलवार व बुधवार को नए डीयूआई इसे लेकर बैठक करेंगे। उसके बाद अंतिम मुहर लगेगी।