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हरियाणा में चरणबद्ध तरीके से खुलेंगे स्कूल, पढ़ें- कब और कौन सी कक्षाएं हो सकती हैं शुरू

Wed, 10 Jun 2020 09:59 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर।
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हरियाणा में स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। प्राइमरी स्कूल को 31 अगस्त तक बंद रखने की तैयारी है। उसके बाद भी हालात के मद्देनजर ही स्कूल खोले जाएंगे। सितंबर में हालात अगर ठीक हुए तो ही प्राथमिक स्कूलों की कक्षाएं शुरू हो पाएंगी। 15 जुलाई तक कॉलेज और 15 अगस्त तक सीनियर सेकेंडरी स्कूल नहीं खोले जाएंगे। शिक्षा मंत्री की केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से इस बारे में बातचीत हुई है।

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कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जुलाई में सिर्फ अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी, जबकि अन्य सेमेस्टर के छात्रों को दूसरी परीक्षाओं के औसत अंक के आधार पर पास किया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मौजूदा शिक्षा सत्र को जीरो पीरियड करने की मांग को नकार दिया है। ऑनलाइन सहित दूसरे विकल्पों के तहत ही पढ़ाई जारी रखी जाएगी। 


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बच्चों का साल खराब नहीं किया जाएगा। स्कूल-कॉलेज कब खोले जाएं, यह कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद ही तय होगा। छठी से आठवीं तक की कक्षाएं 15 अगस्त के बाद व नौवीं से 12वीं तक की कक्षाओं को 15 जुलाई के बाद शुरू करने पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने बताया कि उन्होंने केंद्र के सामने शारीरिक दूरी के नियम के चलते सुबह-शाम कक्षाएं चलाने व 50-50 के अनुपात पर बच्चों को बुलाने का प्रस्ताव रखा है। इस पर सहमति भी बनी है। स्कूल को रोजाना सैनिटाइज किया जाएगा।

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1:25 शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात पर मंथन कर रही सरकार

हरियाणा सरकार शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात 1:30 की बजाए 1:25 करने के लिए गंभीरता के साथ विचार कर रही है। विद्यार्थियों व शिक्षा हित में जल्दी निर्णय हो सकता है। स्थानांतरण में सभी शिक्षकों को मौका देते हुए मुख्यमंत्री की स्वीकृति के लिए फाइल भेज दी गई है। स्वीकृति मिलते ही ड्राइव शुरू होगा। निदेशक मौलिक शिक्षा प्रदीप कुमार ने यह आश्वासन हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन को बैठक के दौरान दिया। एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल राज्य प्रधान हरिओम राठी के नेतृत्व में निदेशक से मिला व अव्यवहारिक रेशनेलाइजेशन पर विरोध दर्ज कराया।

एसोसिएशन के प्रवक्ता विनोद रोहिल्ला ने बताया कि बैठक में अनेक मांगें रखी गईं। प्रत्येक स्कूल में हेड टीचर होना चाहिए, जिस पर विचार करने की बात कही गई है। कम छात्र संख्या के नाम पर स्कूलों को मर्ज करने की प्रक्रिया रोकने की मांग की गई। चूंकि, बहुत से स्कूलों में पहले की तुलना में छात्र बढ़ रहे हैं। 

निदेशक ने स्पष्ट किया कि अभी किसी स्कूल को बंद नहीं किया जा रहा। 30 सितंबर 2019 की तुलना में जहां छात्र संख्या बढ़ी हुई है वहां से टीचर न उठाए जाएं। प्राथमिक विद्यालय का हाजिरी रजिस्टर मुख्य शिक्षक व इंचार्ज के पास रहे, मुख्य शिक्षक न होने पर विद्यालय का कार्यभार वरिष्ठतम शिक्षक को मिले, प्राथमिक विद्यालय का कार्यालय खर्च सीधा विद्यालय के खाते में आए, पदोन्नत हेड टीचर के ऑर्डर अपडेट करने पर भी चर्चा हुई। निदेशक ने जल्दी निर्देश जारी करने को कहा है।
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