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विद्यार्थियों को बुलाने से पहले मेडिकल सुविधा का प्रबंध करेंगे स्कूल

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चंडीगढ़। शहर के स्कूल विद्यार्थियों को बुलाने से पहले मेडिकल सुविधा का प्रबंध करेंगे। इसके अलावा स्वच्छता, सैनेटाइजेशन, आरोग्य सेतु एप, कोरोना दिशा-निर्देशों का स्कूल दीवारों पर डिस्प्ले, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन करना होगा। इन सब बिंदुओं को शामिल करते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खोलने को लेकर विस्तृत एडवाइजरी सोमवार को निजी और सरकारी स्कूलों के प्रमुखों को भेजी। वहीं शिक्षा विभाग ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्कूलों में निरीक्षण करने के लिए भी आदेश दिए हैं। वहीं, निजी स्कूल 2 नवंबर से स्कूलों को खोलने के पक्ष में नहीं हैं।
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2 नवंबर से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अभिभावकों की अनुमति के साथ ही स्कूल आएंगे। स्कूलों के लिए बनाई गई यूटी शिक्षा विभाग की कमेटी ने कोविड-19 को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश बनाए हैं। इसमें महत्वपूर्ण है कि स्कूलों में मेडिकल सुविधा का होना जरूरी है। स्कूल विद्यार्थियों के लिए स्टेशनरी का सामान भी उपलब्ध करवाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना पड़े। स्कूल बुलाने से पहले बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट भी मांगी जाएगी। विद्यार्थियों को स्कूल छोड़ने वाले संसाधनों को सैनेटाइज करवाया जाएगा। अभिभावक विद्यार्थियों को स्कूल छोड़ने और वापस घर ले जाने की जिम्मेदारी खुद उठा सकते हैं। ऑनलाइन शिक्षण भी जारी रहेगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षण के लिए अलग टाइम टेबल बनाया जाएगा। स्कूल अपने स्तर पर विद्यार्थियों के स्कूल आने का समय निर्धारित करेंगे। स्कूल अपने स्तर पर कक्षा टेस्ट, मिड-टर्म और अंतिम परीक्षा का शेड्यूल तैयार करेंगे।
ऑनलाइन कक्षा में शिक्षक हफ्ते में अभिभावकों से करेंगे तीन दिन बात
घर से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से शिक्षक हफ्ते में कम से कम तीन बार बात करेंगे। विद्यार्थियों को सुबह योग की कक्षाएं देनी होगी। इसके साथ ही उन्हें कोविड-19 के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यार्थी घर पर मानसिक तौर पर स्वस्थ रहें इसके लिए ऑनलाइन ही क्रियात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। ऑनलाइन शिक्षण के लिए ‘प्रज्ञाता’ के दिशा-निर्देशों का शिक्षक और विद्यार्थी पालन करेंगे। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान भी विद्यार्थियों को समय समय पर प्रोजेक्ट और असाइनमेंट देने होंगे।
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प्राइवेट स्कूल 2 नवंबर को करेंगे दोबारा सर्वे
2 नवंबर से कोई भी प्राइवेट स्कूल नहीं खोला जा रहा है, क्योंकि मुश्किल से 10 से 15 प्रतिशत अभिभावकों ने ही बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हामी भरी है। ऐसे में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में स्कूल के लिए पढ़ाना मुश्किल होगा। प्राइवेट स्कूल 2 नवंबर को अभिभावकों के बीच दोबारा सर्वे करेंगे। अगर 50 प्रतिशत से ज्यादा अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हामी भरते हैं तो ही स्कूल खोले जाएंगे। स्कूल खोलने को लेकर हम प्रशासन के दिशा-निर्देशों की बजाय अभिभावकों की राय के साथ चलेंगे। - एचएस मामिक, इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन
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