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चंडीगढ़: स्कूलों में बिकेंगे वही खाद्य पदार्श जो बढ़ाएंगे छात्रों की इम्युनिटी

Sun, 27 Sep 2020 02:45 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • स्कूलों में नियुक्त होंगे हेल्थ व वेलनेस एंबेसडर, कैंटीन में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर रखेंगे नजर
  • शिक्षा सचिव ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल, हेड व इंचार्जों को जारी किए दिशा-निर्देश 
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चंडीगढ़ में स्कूल खुले। (फाइल फोटो)
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विस्तार
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कोरोना के बीच बीते 21 सितंबर से शहर में नौवीं से बारहवीं तक के स्कूलों को खोल दिया गया है। ऐसी स्थिति में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत करने के लिए शहर के स्कूलों को 'ईट राइट कैंपस' बनाने की तैयारी है। स्कूलों में हेल्थ व वेलनेस एंबेसडर बनाए जाएंगे, जो स्कूलों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों पर नजर रखेंगे। इस निर्देश के अलावा कई और दिशा-निर्देश शिक्षा सचिव सरप्रीत सिंह गिल की तरफ से सभी स्कूलों के प्रिंसिपल, हेड व इंचार्ज को जारी किए गए हैं।

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दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कोरोना वायरस ने स्थितियों को काफी हद तक बदल दिया है, इसलिए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। अब स्कूल कैंपस को 'ईट राइट कैंपस' में बदलना होगा। बच्चों को सुरक्षित आहार और बैलेंस डाइट के लिए प्रोत्साहित करना होगा। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि स्कूलों में डाइटिशियन की मदद से बच्चों के लिए डाइट प्लान तैयार करना चाहिए, इससे बच्चों में सुरक्षित आहार के प्रति जागरूकता फैलेगी। 

वहीं, स्कूलों में हाई सैचुरेशन फैट, ट्रांस-फैट वाले पदार्थों को नहीं बेचने के लिए स्कूल के गेट पर पोस्टर व बैनर लगाए जाएंगे। यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे। साथ ही यह भी कहा गया है कि स्कूल अथॉरिटी एक ऐसा सिस्टम तैयार करें, जिससे आने वाले समय में जब स्कूलों के कैंटीन शुरू होंगे तो उसमें बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की जा सके। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए हेल्थ व वेलनेस एंबेसडर या फिर हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर की नियुक्ति भी कर सकते हैं। 
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अजय जग्गा ने प्रशासक को भेजे थे सुझाव, अब स्कूलों में होंगे लागू
शहर के सरकारी स्कूलों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इस दौरान स्कूल के प्रिंसिपल, हेड व इंचार्ज पहले ही कई तरह के नियमों का पालन कर रहे हैं। स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इस दौरान बच्चों को रोजाना सिर्फ ढाई घंटे ही स्कूल में रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा बच्चों को स्कूल में खाने का कोई सामान नहीं मिलेगा। 

बच्चों को घर से ही पानी भी लेकर जाना होगा। हालांकि शिक्षा सचिव की तरफ से भेजे गए दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूलों में साफ और स्वच्छ पानी मुहैया कराने को भी कहा गया है। दरअसल, शहर के वकील अजय जग्गा ने यह सभी सुझाव पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर और उनके सलाहकार मनोज परिदा को भेजे थे, जिन्हें अब चंडीगढ़ के स्कूलों में लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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