शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूल का मामला उनके संज्ञान में आने के बाद मंगलवार को संबंधित बीईओ को स्कूल में भेजा। मगर स्कूल के गेट पर ताला जड़ा हुआ था और वहां स्कूल का कोई भी स्टाफ सदस्य और बच्चे नहीं थे। विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस स्कूल के पास स्थायी मान्यता भी नहीं है। यह स्कूल एग्जिस्टिंग स्कूलों की सूची में शामिल है।
संबंधित बीईओ वहां गए थे, लेकिन स्कूल बंद था। स्कूल के स्थायी रूप से बंद होने की स्थिति में अगर अभिभावक मांग करते हैं तो स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों का दाखिला पास के सरकारी स्कूल में करा दिया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई खराब न हो। - धनपतराम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। - अशोक कुमार, डीएसपी
विद्यार्थियों की पढ़ाई का ध्यान रखे प्रशासन: नरेंद्र सेठी
इस मामले को लेकर सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ की बैठक गांव धीरणवास स्थित विकास डिफेंस स्कूल में आयोजित की गई। अध्यक्षता संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सेठी ने की। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष सेठी ने कहा कि उनकी एसोसिएशन मामले में पुलिस प्रशासन व स्कूल से जुड़े विद्यार्थियों के बीच कड़ी का काम करेगी, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी रूप में प्रभावित ना हो।
साथ ही उन्होंने मामले में स्कूल के दूसरे विद्यार्थियों को भी जांच से दूर रखने की बात कही है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बिना किसी ठोस जांच या तथ्यों के प्राइवेट स्कूल संचालिका को गिरफ्तार करने के लिए बार-बार छापेमारी करने व स्कूल को बंद करने का दबाव डालना पूर्ण रूप से गलत है।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में सभी जाति, धर्म व संप्रदायों के विद्यार्थी बिना किसी भेदभाव के शिक्षा ग्रहण करते हैं। ऐसे में यदि कोई गलती हुई भी है तो भी स्कूल संचालिका पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करना गलत है। उन्होंने इसे गुरु-शिष्य परंपरा के खिलाफ दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस दौरान अजीत यादव, मनोज पूनियां, सतबीर गडवाल, अमीलाल, दलबीर धीरणवास, होशियार सिंह, सुरेंद्र आर्य आदि मौजूद रहे।