निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी ने हाल ही में प्री स्कूल एजुकेशन के दिशा-निर्देश बनाए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी प्री स्कूलिंग के लिए पाठ्यक्रम फ्रेमवर्क तैयार किया है। 12 फरवरी 2019 को हाईकोर्ट ने भी दाखिले की आयु, स्कूल का समय व पाठ्यचर्चा संबंधी निर्देश जारी किए हैं। इनकी पालना करना स्कूलों का दायित्व है। जहां तक बच्चों की सुरक्षा का मामला है, उससे कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्री प्राइमरी कक्षाओं के साथ सीबीएसई की मान्यता: कुंडू
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि सरकार के निर्णय वापस लेने का स्वागत है। सरकार की पॉलिसी में पहले से ही आठवीं, दसवीं व बारहवीं कक्षा तक की मान्यता का प्रावधान है। सीबीएसई तो मान्यता ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के साथ देता है। ऐसे में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में तुगलकी फरमान को थोपा नहीं जा सकता था। अगर ऐसा होता तो 3 से 5 वर्ष तक के बच्चों को माता-पिता अपने घर पर रखकर कैसे शिक्षा दे पाते।