शहर के गवर्नमेंट स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई स्कूलों में एक क्लास में 60 से 70 स्टूडेंट्स को पढ़ाना पड़ता है। यूटी प्रशासन ने गवर्नमेंट स्कूलों की कमी देखते हुए पांच नए स्कूल बनाने का फैसला लिया है। अगले दो साल में नए स्कूल बनकर तैयार हो जाएंगे। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने सभी 111 गवर्नमेंट स्कूलों में एक सर्वे कराया है। अधिकतर स्कूलों में राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत 35 स्टूडेंट प्रति सेक्शन नियमों की अनदेखी हो रही है। कई कॉलोनी के स्कूलों में हालात काफी खराब है। एक सेक्शन में 60 से 70 स्टूडेंट को पढ़ाया जा रहा है।
शहर के 111 गवर्नमेंट स्कूलों में करीब 1.50 लाख स्टूडेंट को दाखिला दिया जाता है। यूटी के शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह ने बताया कि प्रशासन ने शहर में पांच नए गवर्नमेंट स्कूल बनाने को मंजूरी दे दी है। इनके लिए फंड भी अलॉट कर दिया गया है। हर स्कूल पर करीब 2 करोड़ खर्च आएगा। इंजीनियरिंग विभाग जल्द ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर देगा। नए स्कूल पेरीफेरी में बनाए जाएंगे। गौरतलब है कि यूटी प्रशासन ने चंडीगढ़ से कई कॉलोनियों को शिफ्ट किया है। जिस कारण नई जगह पर गवर्नमेंट स्कूलों की काफी कमी है। जानकारी के अनुसार नए स्कूल मॉडल और नॉन मॉडल दोनों होंगे।
पांच स्कूल जल्द होंगे तैयार
यूटी प्रशासन की ओर से बनाए जा रहे पांच स्कूलों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार गवर्नमेंट हाई स्कूल किशनगढ़, गवर्नमेंट हाई स्कूल-1 मनीमाजरा, गवर्नमेंट हाई स्कूल-2 मनीमाजरा, गवर्नमेंट हाई स्कूल-48 और गवर्नमेंट हाई स्कूल-49 में नए गवर्नमेंट स्कूल जल्द बनकर तैयार होंगे। शिक्षा विभाग 15 अगस्त तक कुछ स्कूलों का उद्घाटन कराने की तैयारी में है।
1300 नए शिक्षकों के लिए मांगी मंजूरी
यूटी प्रशासन के गवर्नमेंट स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है। नए स्कूल तैयार होने पर शिक्षकों की जरूरत होगी। प्रशासन ने केंद्र सरकार को 1300 नए शिक्षकों के पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भेजा है।
कोट
शहर के गवर्नमेंट स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या काफी बढ़ रही है। कई स्कूलों में एक सेक्शन में 60 से अधिक स्टूडेंट हैं। प्रशासन ने फैसला लिया है कि एक क्लास में 50 से अधिक स्टूडेंट नहीं होंगे। पांच और स्कूल बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। कई स्कूलों को डबल शिफ्ट किया जाएगा।
-सर्वजीत सिंह, शिक्षा सचिव यूटी।