इंस्टीट्यूट आफ माइक्रोबायल टेक्नोलॉजी (इमटेक) ने रिसर्च पेपर में जालसाजी करने पर प्रोफेसर स्वरनजीत सिंह को निकाल दिया है। यह पहली बार है कि जब रिसर्च पेपर में फर्जी डाटा का इस्तेमाल करने पर इतनी बड़ी कार्रवाई की गई हो। बताया जा रहा है कि नौ जुलाई साल 2014 को प्लॉस वन जरनल में इमटेक के रिसर्चरों के तीन पेपर पब्लिश हुए। रिसर्च पेपर में डा. स्वरनजीत सिंह कोरेसपांडिंग आर्थर व डा. फजलुर्रहमान फर्स्ट आथर थे। तीनों पेपर 17 अप्रैल, एक अक्तूबर व आठ अक्तूबर को पब्लिश हुए थे। डा. रहमान पहले से ही इंस्टीट्यूट छोड़कर जा चुके हैा। इमटेक काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रिलय रिसर्च इंस्टीट्यूट है।