लोगों ने ट्रक पर लगाई आग
इस दौरान करीब चार घंटे तक सड़क पर जाम लगा रहा और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर 12.30 बजे ग्रामीणों ने जाम खोला। देर शाम तक छह बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया और तीन बच्चों की हालत अभी गंभीर बनी हुई, जिनका इलाज शहर के ही प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। बस ड्राइवर की हालत गंभीर होने के कारण उसे पीजीआई रेफर किया गया।
इंद्री के सेंट सिमरन पब्लिक स्कूल बस चालक संजय सुबह करीब साढ़े सात बजे बच्चों को लेने के लिए रवाना हुआ। खेड़ी मानसिंह, कमालपुर, घीसरपड़ी, गढ़ी गुजरान, बीबीपुर जाटान से बच्चों को लेकर वापस इंद्री जा रही थी। बस में गढ़ी गुजरान का छठी कक्षा का विद्यार्थी यशमित (10), 10वीं कक्षा का 16 वर्षीय साहिल (16) बस में आगे बैठे थे। इसके अलावा, बस में मानसिंह खेड़ी के भाई बहन यश व खुशी, बीबीपुर जाटान का विवेक, कमालपुर का दक्षसित, बीबीपुर जाटान की मानसी, रिया, भावना, ऋषिक, शुभम सवार थे।
हेल्पर महिला सोनिया भी बस में ही थी। धुंध के बीच जैसे ही बस जनैसरों से आगे निकली तो इंद्री की ओर से एक ट्रक आ रहा था। अचानक इस ट्रक को ओवरटेक करते हुए तेज रफ्तार में ओवरलोडेड ट्राला आया और उसने सामने से आ रही स्कूल बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला शीशा टूट गया और आगे बैठे साहिल व यशमीत बस के आगे सड़क पर गिर गए और ट्राले ने उनको कुचल दिया, जिनकी मौके पर मौत हो गई।
इसके अलावा, सभी नौ बच्चे घायल हो गए और ड्राइवर व हेल्पर महिला भी घायल हो गई। जिन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण सड़क पर जमा हो गए और ट्राले और एक ट्रक में आग लगा दी। हालांकि, मौके पर पुलिस के पहुंचने के कारण आनन-फानन में फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आग पर काबू किया। इस दौरान ग्रामीणों ने चार घंटे तक करनाल इंद्री रोड पर जाम लगाए रखा।
इंद्री के डीएसपी कुशलपाल राणा का कहना है कि आरोपी ट्राला चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।