मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मोरनी में वर्ल्ड हर्बल फॉरेस्ट स्थापित करने से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेंगे और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा देश में कई बड़े राज्यों से अग्रणी है, लेकिन मेवात व मोरनी का क्षेत्र प्रति व्यक्ति आय में पीछे है। उन्होंने कहा कि शिवालिक पर्वतीय क्षेत्र के विकास पर वन, आयुष, पर्यटन व कृषि विभाग मिलकर योजनाएं बनाएंगे।
वहीं पतंजति योगपीठ की ओर से मोरनी क्षेत्र में कुल 125 वाटिकाओं को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें से अब तक 65 वाटिकाएं विकसित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने योगपीठ के अनुसंधानकर्ताओं की ओर से प्रदेश में 53 नई जड़ी-बूटियों की प्रजातियों की खोज करने पर बधाई देते हुए कहा कि पहले जड़ी-बूटियों की 1062 प्रजातियां ही दर्ज थी, जो अब बढ़कर 1115 हो गई हैं।
वहीं मुख्यमंत्री ने आचार्य बालकृष्ण द्वारा लिखित तीन पुस्तक फ्लोरा ऑफ मोरनी हिल्स, विजिटेटिव सर्वे ऑफ मोरनी हिल्स तथा मोरनी क्षेत्र के महत्वपूर्ण औषधीय पादप का विमोचन किया। इन तीनों पुस्तकों में मोरनी में पाई जाने वाली जड़ी बूटियां और उनसे संबधित पूर्ण जानकारी इन पुस्तकों में प्रदान की गई है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने हाल ही में पांच नगर निगमों के चुनावों में भाजपा के पांचों प्रत्याशी को मेयर बनने पर बधाई देते हुए कहा इन चुनावों के परिणाम भाजपा समथकों में उर्जा भरने का काम करेंगे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मोरनी क्षेत्र के किसान हरड़, शतावर, अर्शगंधा, बनकशां जैसी जड़ी-बूटियों का जितना उत्पादन करेगा वह सारा पतंजलि खरीद लेगा। जिससे लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और पतंजलि हर प्रकार का सहयोग यहां के लोगों को उपलब्ध करवाएगा।
इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने भारत स्वाभिमान संगठन के राकेश व एसके तीजारवाला के प्रयासों की सराहना की जिन्होंने लगभग जड़ी-बूटियों की 1000 से अधिक विभिन्न प्रजातियों पर डॉक्यूमटेशन के लिए विषम परिस्थितियों में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि न्यूयार्क में चार जर्नल प्रकाशित होने से मोरनी क्षेत्र का नाम विश्व स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के सहयोग से हम बॉयोरिसर्च संस्थान की स्थापना भी करना चाहते हैं।
पतंजलि अनुसंधान केंद्र के इन वैज्ञानिकों मिला प्रशस्ति पत्र
मुख्यमंत्री के द्वारा प्रशस्ति पत्र पाने वाले मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अनुपम श्रीवास्तव टीम के एचओडी, डॉक्टर भास्कर जोशी, डॉक्टर शंभू पटेल, डॉ. राजीव वशिष्ठ, डॉ. उदय भान प्रजापति, डॉ. ईश्वर प्रकाश शर्मा, डॉ. संजय कुमार, डॉ. राजेश मिश्रा, महिपाल सिंह सजवान, आशीष कुमार, अमिता सिंह, आकिब, हेमंत शर्मा, निशांत गुप्ता, प्रियंका त्यागी, रचना भंडारी, अजीत चौहान वन सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न प्रकार की जड़ी बूटियों की खोज करने में शामिल थे जिन्हें मुख्यमंत्री के द्वारा मोरनी कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया