एससी वर्ग के लिए राहत की बात है कि चंडीगढ़ में एससी सर्टिफिकेट बनने दोबारा शुरू होंगे। राष्ट्रीय एससी आयोग द्वारा चंडीगढ़ में भलाई स्कीमों के रिव्यू के दौरान यह मामला सामने आया था। आयोग के चेयरपर्सन डॉ. पीएल पूनियन ने बताया कि इसमें कुछ जिम्मेदारी यूटी प्रशासन की है और कुछ केंद्र सरकार की।
यूटी प्रशासन को इस बारे में हिदायत दे दी गई है। केंद्र से संबंधित मामला दिल्ली में उठाया जाएगा। जल्द ही एससी सर्टिफिकेट बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। आयोग के वाइस चेयरपर्सन डॉ. राजकुमार वेरका ने बताया कि चंडीगढ़ में कुछ तकनीकी समस्या आ रही थीं।
अगर रविदास और रामदास की जगह रविदासिया और रामदासिया लिखा है तो सर्टिफिकेट नहीं जारी हो रहा था। मीटिंग में मौजूद प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव को यह समस्या दूर करने को कहा गया है।
यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी के पिता या दादा का एससी सर्टिफिकेट बना हुआ है तो उसका सर्टिफिकेट तुरंत जारी किया जाए। बाहर से आए लोगों के केस में समस्या है, जिसे केंद्र सरकार से उठाया जाएगा।
जैसे कनौजिया बिरादरी दिल्ली में एससी वर्ग में आती है, पर पंजाब में इसे ओबीसी वर्ग में रखा गया है। ऐसे मामलों को लेकर आयोग केंद्र सरकार से बात करेगा।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में 1996 के बाद से नए एससी सर्टिफिकेट नहीं बन रहे हैं। जिससे लोगों को काफी समस्या आ रही है। खासतौर पर विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।