पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लागू करने में 2 करोड़ 59 लाख रुपये के करीब रकम का घोटाला करने वाले फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फिरोजपुर जिले से संबंधित पांच कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त करने और एक कर्मचारी के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करवाने के आदेश जारी किए हैं।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि विभागीय जांच में ब्लॉक फरीदकोट के सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी यादविंदर सिंह, ब्लॉक गिद्दड़बाहा के सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी हरप्रीत सिंह, ब्लॉक गुरुहरसहायपुर के सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी दलीप कुमार, ब्लॉक फिरोजपुर की सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी रजनी शर्मा और मीना शर्मा और ब्लॉक घल्ल खुर्द के सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी चरनजीत सिंह द्वारा इस स्कीम के अंतर्गत इस्तेमाल किए जा रहे मैटेरियल के लिए दी 2 करोड़ 59 लाख रुपये की जाली अदायगी करने का मामला सामने आया।
इनमें से पहले ही इस्तीफा दे गए ब्लॉक फरीदकोट के सहायक प्रोजेक्ट अधिकारी यादविन्दर सिंह के विरुद्ध पुलिस केस दर्ज कराने और बाकियों को बर्खास्त करने के आदेश दिए गए हैं। बाजवा ने यह आदेश जारी करते हुए विभाग के सीनियर अधिकारियों से कहा है कि मनरेगा समेत विभाग द्वारा लागू की जा रही किसी भी स्कीम में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने आदेश दिया कि पंजाब के हर ब्लॉक में इस स्कीम को लागू किए जाने की तुरंत पड़ताल करवाई जाए। उन्होंने हिदायत की कि इस स्कीम के तहत जारी किये गए एक-एक पैसे को सही जगह पर खर्च करने को यकीनी बनाया जाए।