लुधियाना के सांसद रवनीत बिट्टू।
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कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू की तरफ से बहुजन समाज पार्टी और अनुसूचित जाति पर दिए बयान पर पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने लुधियाना के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को इस मामले में 22 जून को तलब किया है। साथ ही तय किया है कि आयोग अपने स्तर पर इस मामले की जांच कराएगा। मंगलवार को शिअद नेता पवन कुमार टीनू ने आयोग में इसकी शिकायत की थी।
शिकायत में अकाली नेता ने सांसद के बयान को दलित विरोधी बताया था। सांसद ने अपने बयान में दावा किया था कि श्री आनंदपुर साहिब तथा चमकौर साहिब की पवित्र सीटें शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन के आधार पर बसपा को नहीं दी जानी चाहिए थी। उनके बयान का यह मतलब था कि अनुसूचित जाति के साथ-साथ बसपा भी अपवित्र है। उनके इस बयान से अजा समाज के लोगों को गहरा चोट लगी है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और सांसद के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।
अनुसूचित जाति आयोग की चेयरमैन तेजिन्दर कौर ने बताया कि पवन कुमार टीनू की तरफ से एक एतराज योग्य वायरल वीडियो और अखबारों में प्रकाशित खबरों संबंधी शिकायत पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग को की गई थी। उन्होंने बताया कि आयोग की तरफ से पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग एक्ट -2004 की धारा 12 (2) ऐ के तहत प्रदान शक्तियों के सम्मुख इस शिकायत की जांच करने का फैसला किया है। इस संबंध में 22 जून को सुबह 11.30 बजे सुनवाई निर्धारित की गई है।