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40 वर्षों बाद शनैश्चरी अमावस्या पर महासंयोग

Wed, 23 Jul 2014 12:07 PM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चालीस वर्षों के बाद शनैश्चरी अमावस्या को महासंयोग आ रहा है। सावन के महीने में यह शनैश्चरी अमावस्या 26 जुलाई को पुनर्वसु नक्षत्र में आ रहा है। पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग दोपहर बाद तीन बजकर दस मिनट तक रहेगा। उसके ठीक बाद दोपहर बाद तीन बजकर 10 मिनट के बाद पुष्य नक्षत्र लग जाएगा।
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पुनर्वसु का नक्षत्र का स्वामी बृहस्पति और पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि हैं। ऐसा महासंयोग चालीस वर्षों के बाद आया है। यह कहना है सेक्टर-30 स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को राहुकाल सुबह नौ बजे से साढ़े दस बजे तक रहेगा।

इसमें शनिदेव की आराधना की जाए तो निश्चित ही लाभ होगा। बीरेंद्र नारायण मिश्र ने बताया कि यदि राहुकाल में किसी कारण वश पूजा न की जाए तो शाम को सात बजकर 17 मिनट से रात आठ बजकर दो मिनट तक शनिदेव का अभिषेक करने का मुहूर्त है।
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श्री महाकाली मंदिर में होगा शनिदेव का महाभिषेक

सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर में शनिवार को शनैश्चरी अमावस्या को शनिदेव का महाभिषेक होगा। पंचामृत से अभिषेक के बाद सरसों के तेल से शनिदेव का अभिषेक होगा।

अभिषेक के उपरांत महापूजन और आरती होगी। मंदिर के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि इस अवसर पर भंडारा भी लगाया जाएगा।

शनिदेव की अराधना से यह होगा लाभ
सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे ने बताया कि शनैश्चरी अमावस्या पर शनिदेव की पूजा करने से व्यापार में घाटा नहीं होगा। इच्छा शक्ति बढ़ेगी। शत्रु कमजोर होंगे। पिता पुत्र में प्यार बढ़ेगा। पति पत्नी का वियोग समाप्त होगा।

नौकरी में प्रमोशन होने के कारण अन्य कष्टों से छुटकारा होगा। बच्चों की पढ़ाई में मन लगेगा, उन्हें भारी सफलता मिलेगी। घर का क्लेश समाप्त हो जाएगा।

आज बनने जा रहा यह महासंयोग

इस बार सावन में रविपुष्य योग, सवार्थ सिद्धि योग और गज केसरी योग की त्रियुति एक ही दिन में बन रही है। ऐसे में पूजन और अनुष्ठान से लोगों पर महादेव की कृपा बरसेगी। सावन में ऐसा दुर्लभ संयोग रविवार को सुबह 5 बजकर 45 मिनट बन रहा है।

उस दिन शाम छह बजकर चार मिनट तक रवि पुष्य योग रहेगा। खास बात यह है कि उसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के अलावा चंद्रमा और बृहस्पति एक साथ होने के कारण गजकेसरी योग भी बन रहा है।

यह कहना है सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उन्होंने बताया उस दिन सुबह सूर्योदय कर्क राशि और कर्क लग्न में होगा।

कर्क का स्वामी चंद्रमा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की राशि मीन है, मीन राशि का स्वामी चंद्रमा के साथ कर्क लग्न में है। इसलिए शहर के लिए शुभ रहेगा।

इन लोगों को होगा लाभ

सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे ने बताया रवि पुष्य योग में चुनाव संबंधी, लेन देन, यात्रा, आभूषण, वस्त्र, भूमि, वाहन खरीदने के अलावा बिजनेस और नौकरी की शुरुआत के लिए शुभ है।

ऐसे करें उपाय
जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र ने बताया यदि यदि जातक की कुंडली में सूर्य नीच का हो और उसकी महादशा और अंतरदशा हो तो चोट, दुर्घटना, पत्नी से वियोग और पत्नी से तलाक तक की नौबत तक आ जाती है।

यदि सूर्य दशम स्थान में नीच राशि का हो तो मुकदमा, मित्रों से वैमनस्य, राज पक्ष से प्रताड़ना मिलती है। इन समस्याओं से बचने के लिए जातक को रवि पुष्य योग में रुद्राभिषेक, पार्थिव पूजन और नारायण की पूजा करनी चाहिए।

सेक्टर-30 स्थित शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री के अनुसार पत्नी से वियोग से बचने के लिए तांबे पर सूर्य का यंत्र बनाकर या नवग्रह बनाकर प्राण प्रतिष्ठा करने से दूरी मिटती है।

कौन व्यक्ति क्या दान करे

राशि-----------वस्तु
मेष------------लाल
वृष-----------सफेद
मिथुन---------हरा
कर्क----------सफेद
सिंह----------लाल
कन्या----------हरा
तुला----------सफेद
वृश्चिक-------लाल
धनु-----------पीला
मकर---------काला
कुंभ---------काला
मीन--------पीला

शिवरात्रि सावन की, सकेतड़ी में अनोखे ढंग से सजेंगे शिव

सावन की शिवरात्रि पर सकेतड़ी के प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का भव्य साज-श्रृंगार किया जाएगा।

15 किलोग्राम चांदी से तैयार होंगे पत्तर और कड़े

सकेतड़ी के प्राचीन शिव मंदिर स्थित पांडव कालीन शिव पिंडी का सावन की शिवरात्रि पर महाकालेश्वर की तर्ज पर श्रृंगार किया जाएगा।

शिव पिंडी पर करीब 15 किलोग्राम चांदी से तैयार पत्तर और कड़े लगाए जाएंगे, जिन्हें तैयार करने के लिए जयपुर के कारीगरों को आर्डर दिया गया है।

24 जुलाई तक यह आर्डर पूरा कर लिया जाएगा। पिंडी के चारों तरफ चांदी के पत्तर लगाए जाएंगे और पिंडी के नीचे कड़ा लगेगा। उसके बाद फूलों और मुकुट से श्रृंगार किया जाएगा।

लंगर भवन के बाहर बनेगा शेड

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लंगर भवन के बाहर शेड का भी निर्माण कराया जा रहा है। इस शेड में कई पंखे भी लगाए जाएंगे। मंगलवार से शेड का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा और सावन की शिवरात्रि तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था
डेढ़ से दो हजार कांवड़ियों के खाने-पीने से लेकर ठहरने तक की व्यवस्था की जा रही है। 24-25 जुलाई को कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को यह सुविधा दी जाएगी।

आरती के बाद खुलेगा बाबा का द्वार

24 जुलाई की देर शाम आठ बजे मंदिर के पुजारी देसी घी से शिवालय का अभिषेक और आरती करेंगे। उसके बाद कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु गंगाजल से अभिषेक करेंगे। इसके बाद अन्य श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे। 24 जुलाई के लिए आठ पुजारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।    

प्रसाद का विशेष इंतजाम
हर बार की तरह इस बार भी शिवरात्रि पर 24 जुलाई से लंगर में शुद्ध देसी घी से बने मालपूड़े, खीर और सब्जी का प्रसाद होगा।
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29 दिन का होगा सावन

सावन का महीना रविवार से शुरू हो रहा है। खास बात यह है कि इस बार 29 दिन का सावन होगा। सावन की शुरुआत और अंत रविवार से हो रहा है। इससे सूर्य की कृपा बनी रहेगी।

यह कहना है सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री का। इस बार कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि छय है। इस सावन में चार सोमवार और पांच रविवार पड़ रहे हैं। पहली अगस्त को नागपंचमी पड़ रही है।
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