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'नोटा' बनाकर सविता भट्टी उतरीं राजनीति में

Wed, 09 Apr 2014 09:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नई ‘नोटा’ पार्टी में रिश्वत देने और लेने दोनों वर्ग के लोग शामिल हो सकेंगे। सविता ने कहा कि पार्टी ज्वाइन करने के लिए उम्मीदवारों को कई कसौटियों पर खरा उतरना होगा, जिसकी कुछ शर्तें भी हैं। जैसे कि आवेदन करने वाला कम से कम 200 करोड़ रुपये के घपले का आरोपी हो, पार्टी में उसी नेता को बड़ा पद दिया जाएगा जिसके ऊपर कम से कम 25 क्रिमिनल केस दर्ज होंगे।
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जसपाल भट्टी की लड़ाई जारी रखेंगीं सविता भट्टी

इन कसौटियों पर खरा उतरने के पश्चात उन्हें पद हासिल करने के लिए करोड़ों रुपये पार्टी फंड में भी देने होंगे। ताकि पार्टी चुनाव के समय जमकर पैसा लुटा सके। सविता ने कहा कि इसी तरह से जसपाल भट्टी लड़ाई लड़ते थे और वह भी इसी तरह से अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। आप पार्टी का साथ छोड़ने की वजह बताते हुए सविता ने कहा कि राजनीति में आने के लिए उन्हें यह समय सही नहीं लगा, हालांकि वह इसी तरह से आगे बढ़ना चाहती हैं।

अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ बहुत दुखद

अरविंद केजरीवाल को मंगलवार को रैली के दौरान पड़े थप्पड़ के बारे में सविता ने कहा कि यह बहुत दुखद है। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो कुछ बदलाव लाना चाहते हैं। गुस्सा दिखाने का यह तरीका गलत है। सविता ने कहा कि उनका पार्टी का मेनिफेस्टो और शर्त सिर्फ एक है और वो है नोट। कुछ इन विचारों के साथ सविता भट्टी ने अपने राजनीति के अखाडे़ के कूदने की ठानी है।

नेताओं को ऐसी ट्रेनिंग कि व्यक्ति की गर्दन तोड़ सके

सविता भट्टी ने कहा कि नोटा पार्टी दूसरी राजनीति पार्टियों से हटकर काम करेगी। पार्टी नेताओं को रेसलर बाउंसरों और पहलवान ट्रेनिंग देंगे। जो नेताओं को फिजिकल ट्रेंड करेंगे, ताकि जैसे ही कोई व्यक्ति चेहरे पर स्याही या जूता फेंकने लगे तो उससे बचा जा सके। उस व्यक्ति को हटाने के लिए कार्यकर्त्ताओं की प्रतीक्षा न करनी पडे़, बल्कि पार्टी के नेता ही उसकी गर्दन तोड़ सकें।
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भ्‍ाट्टी की नवगठित पार्टी का चुनाव चिह्न नोट

बकौल सविता भट्टी का कहना है कि पार्टी का चुनाव चिह्न ऐसा होना चाहिए कि जो एक बार देखे और सुने दोबारा भूले नहीं। इसीलिए हमने अपनी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न नोट रखा है। इसकी सभी को जरूरत है। जिसके पास पैसा नहीं है वो आने की उम्मीद लगाए बैठा है, जिसके पास है उसका नोट से दिल नहीं भर रहा है।
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