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'चौकी इंचार्ज से बचा लो, अश्लील हरकतें करता है'

Tue, 21 Jan 2014 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो-पंचकूला
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चौकी इंचार्ज से हमें बचा लो। वह हमारे साथ अभद्र व्यवहार करता है और अश्लील हरकतें करता है। कभी भी हमें घेर लेता है और कमेंट्स करता है।
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ऐसी ही शिकायत लेकर सोमवार को मोरनी स्थित पॉलिटेक्निक की तीन छात्राएं एसीपी से मिली। छात्राओं ने एसीपी को बताया कि वह मोरनी के नजदीक गांव बैहलों में रहती हैं और उसी गांव में स्थित पॉलिटेक्निक में पढ़ती हैं।

चौकी इंचार्ज एएसआई राजेंद्र सिंह उनसे अभद्र व्यवहार करता है। कभी भी उनके घर आ जाता है। इतना ही नहीं शाम के समय जब छुट्टी होती है, तो वह संस्थान के बाहर खड़ा हो जाता है और कमेंट्स करता है।
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एक छात्रा ने एसीपी पूर्णिमा सिंह को बताया कि एक बार एक टूरिस्ट ने उनके साथ छेड़छाड़ की थी। जब उन्होंने चौकी में शिकायत दी तो राजेंद्र सिंह ने पैसे लेकर आरोपी को छोड़ दिया।

लोहड़ी वाले दिन भी चौकी इंचार्ज उनके घर आया। हवा में पिस्टल लहराते हुए डराया धमकाया।
दरअसल, पॉलिटेक्निक में पढ़ने वाली एक छात्रा की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उस पर आरोप था कि लड़कियों के घर में वह जबरदस्ती घुस आया था।

यह मामला दर्ज करने के साथ ही बैहलों निवासी एक युवक के खिलाफ बाधा डालने का केस दर्ज किया गया था, जो राजेंद्र सिंह की शिकायत पर ही हुआ था।

युवक पर आरोप लगे कि उसने छेड़छाड़ के केस की जांच के दौरान बाधा डाली। इसके बाद से राजेंद्र सिंह लगातार आरोपों में घिरे रहे। पहले युवक ने गलत केस दर्ज करने का आरोप लगाया था। अब छात्राओं ने खुद पेश होकर शिकायत दी है।


चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबलों पर भी लगे थे ऐसे आरोप
पिछले दिनों चंडीगढ़ के पुलिस कांस्टेबलों पर भी ऐसे आरोप लगे थे। हालांकि, दो कांस्टेबल तो रेप के आरोप में जेल में हैं। जबकि, उनके तीन साथियों पर छात्रा का पीछा करने और छेड़छाड़ का आरोप है। यह आरोपी स्कूल के बाहर पीसीआर खड़ी कर उस पर नजर रखते थे।
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यह आपसी मतभेद हो सकता है
संस्थान प्रिंसिपल सुधीर राणा ने बताया कि यह आपसी मतभेद हो सकता है। कॉलेज प्रबंधन यहां पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है।

संस्थान की तरफ से पुलिस विभाग से छुट्टी के वक्त संस्थान के बाहर पुलिस तैनाती की गुजारिश की गई थी। हॉस्टल न होने के कारण बच्चे बाहर रहते हैं। संस्थान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। संस्थान अपने स्तर पर भी मामले की जांच करेगा।

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