करोड़ों की लागत से शाही महल की तरह बने सतलोक आश्रम की सूरत अब पूरी तरह बिगड़ चुकी है। 19 नवंबर को गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने जहां आश्रम के फ्रंट फेस को ढहा दिया था तो अब अंदर की हालत सर्च अभियान में बिगाड़ दी गई है।
रामपाल के अनुयायियों ने पुलिस को जब पूरी जानकारी नहीं दी तो पुलिस ने आश्रम के कई हिस्सों में खुदाई कर डाली। कहीं सीढ़ियां तोड़ी गईं तो कहीं छत उखाड़ दी गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रामपाल के राजदारों ने जब लॉकर्स के पासवर्ड की जानकारी नहीं दी तो पुलिस ने उन्हें भी तोड़ दिया। हालांकि पुलिस ने उन लॉकरों से किसी प्रकार के माल की जानकारी मिलने से इंकार किया है।
लॉकर्स से माल निकालकर जमीन में छिपाया था
सतलोक आश्रम में लगभग तलाशी अभियान पूरा हो चुका है। आश्रम और रामपाल की कोठी में जो लॉकर्स नहीं खुले, उन्हें पुलिस ने तोड़कर छानबीन की है।
रविवार को आश्रम से निकलकर बाहर आए एक व्यक्ति ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि पुलिस को शक था कि लॉकर्स से माल गायब कर कहीं जमीन में छिपाया दिया गया है।
इसलिए पुलिस ने शक के आधार पर आश्रम की फर्श तोड़ी और कई जगह पर खुदाई करके चेकिंग की। इसके अलावा सीढ़ियों के नीचे के हिस्से को तोड़ा गया है। आश्रम के अंदर की सर्च अभियान के बाद की कुछ एक्सक्लूसिव फोटो भी लिए गए हैं।
वीडियो दिखाकर किया जाता था माइंड वॉश
आश्रम में आने वाले अनुयायियों को जब सार नाम दिया जाता था, तो उससे पहले उन्हें स्वर्ग और नर्क पर आधारित वीडियो दिखाया जाता था। सार नाम देने के लिए एक अलग से कमरा बना हुआ था। इसमें सैकड़ों हेड फोन और बड़ी एलईडी लगी थीं।
रामपाल के एक अनुयायी ने नाम न छापने के आधार पर बताया कि सारनाम लेने वाले व्यक्ति को स्वर्ग के दृश्य में दिखाया जाता है, जो ऐशो-आराम करता दिखता है।
दूसरा नाम न लेने वाले व्यक्ति को वीडियों में नर्क का दृश्य गया है, जो दुखों से घिरा हुआ है। दोनों की तुलना दिखाकर आने वाले अनुयायियों का माइंड वॉश किया जाता था।
रामपाल ने खुद डिजाइन किया था आश्रम
रामपाल के कमरे से ड्राइंग का सामान और अन्य चीजें भी मिली हैं। पुलिस अधिकारियों की मानें तो रामपाल ने आश्रम को खुद डिजाइन किया था। आश्रम में बनी कोठी का नक्शा भी रामपाल द्वारा ही बनाया गया था। कमरे से कुछ डिजाइन किए हुए पेपर, पेंसिल और कलर बरामद हुए हैं।
आश्रम से कुछ तस्वीरें भी मिलीं
रामपाल के खास राजदारों के कमरों में तलाशी के दौरान व्यास वाले बाबा की फोटो भी आश्रम से मिली हैं। इससे यह साफ जाहिर है कि रामपाल के आश्रम में आने वाले लोग अन्य संतों के भी संपर्क में थे। राजदारों के लॉकर्स में पांचों गुरुओं की तस्वीरें मिली हैं।