याचिकाकर्ता ने बताया कि नवंबर 2014 में हिसार के सतलोक आश्रम में एक बच्चे और चार महिलाओं की लाशें मिली थीं। इसके बाद याची और उसके 27 अनुयायियों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। रामपाल ने बताया कि इसके बाद एक और महिला का शव आश्रम में मिला था, जिसके चलते उसके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई थी।
उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील लंबित
रामपाल ने बताया कि इन मामलों में उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस सजा के खिलाफ उसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है। पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार ने बताया था कि रामपाल बनाम हरियाणा सरकार मामले में सजा निलंबन की मांग को लेकर योग्यता मानक तय किए गए थे। कोर्ट के आदेश पर पर जेल प्रशासन ने कोर्ट में रामपाल का कस्टडी प्रमाण पत्र पेश किया था जिसके तहत उसकी कस्टडी की वास्तविक अवधि 6 साल, 4 महीने और 14 दिन बताई गई थी।