फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़: रामपाल को हाईकोर्ट से झटका, सजा निलंबन संबंधी याचिका खारिज

Fri, 04 Mar 2022 04:57 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के सतलोक आश्रम प्रकरण में हिसार जिला अदालत ने अक्तूबर 2018 को उसे हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।  उसने मांग की थी कि जब तक हाईकोर्ट अपील पर अपना फैसला नहीं सुना देता तब तक उसकी सजा को निलंबित रखा जाए।
विज्ञापन
सतलोक आश्रम के प्रमुख कथित संत रामपाल - फोटो : File Photo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सतलोक आश्रम प्रकरण में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को निलंबित करने के लिए रामपाल द्वारा दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए उसको बड़ा झटका दिया है।

विज्ञापन


हरियाणा के सतलोक आश्रम प्रकरण में हिसार जिला अदालत ने अक्तूबर 2018 को उसे हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।  उसने मांग की थी कि जब तक हाईकोर्ट अपील पर अपना फैसला नहीं सुना देता तब तक उसकी सजा को निलंबित रखा जाए।

विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने बताया कि नवंबर 2014 में हिसार के सतलोक आश्रम में एक बच्चे और चार महिलाओं की लाशें मिली थीं। इसके बाद याची और उसके 27 अनुयायियों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। रामपाल ने बताया कि इसके बाद एक और महिला का शव आश्रम में मिला था, जिसके चलते उसके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई थी।

उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील लंबित

रामपाल ने बताया कि इन मामलों में उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस सजा के खिलाफ उसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है। पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार ने बताया था कि रामपाल बनाम हरियाणा सरकार मामले में सजा निलंबन की मांग को लेकर योग्यता मानक तय किए गए थे। कोर्ट के आदेश पर पर जेल प्रशासन ने कोर्ट में रामपाल का कस्टडी प्रमाण पत्र पेश किया था जिसके तहत उसकी कस्टडी की वास्तविक अवधि 6 साल, 4 महीने और 14 दिन बताई गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें