सतलोक आश्रम के प्रमुख कथित संत रामपाल
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हिसार जिले के बरवाला के सतलोक आश्रम के प्रमुख कथित संत रामपाल ने अपने खिलाफ देशद्रोह, आर्म्स एक्ट व अन्य मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने की अपील करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। रामपाल ने कहा कि उसे इन मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, इससे उनका कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद किया जाए। सीबीआई जांच की मांग पर हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
रामपाल ने याचिका में आरोप लगाया कि बरवाला पुलिस स्टेशन में 18 नवंबर 2014 को उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआरदर्ज की गई है, जोकि साजिश का नतीजा है। यह सब उसकेखिलाफ केस को मजबूत बनाने के लिए किया गया है। याची ने कहा कि पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या, देश के खिलाफ युद्ध करने आदि की ऐसी गंभीर धाराओं को जोड़ा है, जिसका इस मामले से कोई लेना-देना तक नहीं है। इसके साथ ही अन लॉ फुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट 1967 की भी धाराएं लगाई गई हैं।
इनके मुताबिक पुलिस ने रामपाल को आतंकवादी संगठन का सदस्य व आतंकी गतिविधियों में शामिल होने वाला व्यक्ति बताया है। रामपाल ने अपनी याचिका में कहा कि उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर में इतनी अधिक धारा लगा दी गई है, जितनी पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब के खिलाफ भी नहीं लगाई गई थी। वह सिर्फ अदालत की आपराधिक अवमानना के तहत केस झेल रहा था। गलती या किसी अन्य कारण वह इन आदेशों को नहीं मान पाया, इसका मतलब यह नहीं हो जाता है कि उसे देशद्रोही करार दे दिया जाए। वह धारा भी लगाई गई है, जिसके आरोप में वह न तो शामिल था और न ही उससे उसका कोई लेना देना था। रामपाल ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। इस मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी।