सीआरपीएफ के जवानों के आश्रम के आगे से लगातार गुजरने के बाद जहां आश्रम के अनुयायियों में हलचल पैदा हो गई थी। इसके कुछ देर बाद ही शमशेर खरकड़ा और सुरेंद्र पूनिया से प्रवक्त राजकपूर की बातचीत हुई।
जिसके विफल होने बाद अनुयायी बलवान सिंह ने पुलिस से सुरक्षित रखने के गुर सिखाए। आश्रम के अनुयायियों ने सतलोक आश्रम के मुख्य द्वार पर बैठी महिलाओं को महिला पुलिस का किस तरह से मुकाबला करना है, उसके गुर बताए।
पुलिस से बचने के ये तरीके सिखाए
1. आंसू गैस से कैसे बचें : पुलिस के हमला करने पर यदि आंसू गैस से हमला किया जाता है तो ऐसे में महिलाएं अपने कपड़ों को गीला कर लें। गैस निकलने पर कपड़ों से अपनी आंखें पोंछ लें और साथी की भी, जिससे आंसू गैस का असर नहीं होगा।
2. महिला पुलिस को दो महिलाएं करें काबू - महिलाओं को समझाते हुए माइक के माध्यम से बताया गया कि जब महिला पुलिस हमला करे तो उसके डंडे को पकड़े या उस महिला पुलिस कर्मी के दोनों हाथ पकड़ लें और उसे अपने काबू में ले लें। इसके अलावा सिर पर हमला होने पर आगे खड़ी महिला नीचे झुक जाए और पीछे खड़ी महिला डंडे को पकड़ लें।
हमला होने पर महिलाएं क्या करें
हमला होने पर यदि महिलाएं खड़ी होती हैं तो अपने साथी के साथ अपने हाथों को जोड़कर चैन बना लें, जिससे बाबा को लेने के लिए आई पुलिस आपको पार न कर सके। जबरदस्ती वह कुछ करना चाहे तो करने दें।
सतलोक जाना है तो मरना पडे़गा
बलवान सिंह ने संत के अनुयायियों को सतलोक जाने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परमात्मा सिर मांगता है और यह परमात्मा सिर नहीं मांगता है, लेकिन आपकी अपनी मर्जी है और अपनी प्रसन्नता से सिर चढ़ाना चाहे तो चढ़ा सकते हैं।
बाकी सब परमात्मा पर छोड़ दें। पुलिस अगर गोली चलाती है तो गोली पीठ पर न खाकर सीने पर खाएं। मरने के लिए तैयार हैं आप। सतलोक पर जाना है तो आपको मरना पडे़गा।