चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ी की कोठी कब्जाने के मामले में आरोपी संजीव महाजन ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की है। इससे पहले दायर की गई जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी थी। अब इस केस की सुनवाई 16 जून को है। साथ ही अदालत ने नोटिस भेजकर पुलिस से जवाब मांगा है।
संजीव महाजन के वकील राजेश शर्मा ने कहा कि संजीव को कभी जांच में शामिल नहीं किया गया। 1 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया गया जबकि एफआईआर 2 मार्च को दर्ज की गई। संजीव महाजन को मामले में झूठा फंसाया जा रहा है, उसकी कोई भूमिका नहीं है। गिरफ्तारी और उसके घर की तलाशी में भी कुछ बरामद नहीं किया गया जिससे उस पर आरोप साबित किया जा सके। 29 दिसंबर को सीताराम ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 6 फरवरी 2021 को शिकायतकर्ता सीताराम ने खुद एसएसपी को लिख कर दिया था कि उन्होंने अपने स्तर पर पता किया है कि संजीव महाजन की मामले में कोई भूमिका नहीं है। लिहाला इस मामले में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। इसके बाद वकील ने सीताराम के यह बयान अदालत में भी लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि संजीव महाजन को जमानत दी जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। राजेश शर्मा ने कहा के संजीव महाजन को इसलिए भी फंसाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने कई सरकारी अफसरों, नेताओं और तीन अपराधियों की गलत हरकतों को उजागर किया था। उन्होंने कहा कि मनीष गुप्ता को भी जमानत दी जा चुकी है और दलजीत सिंह भी अंतरिम जमानत पर है। इसलिए संजीव महाजन को भी जमानत दी जानी चाहिए। बता दें कि बीते 24 मार्च को संजीव महाजन ने जमानत याचिका दायर की थी।