चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी हड़पने के मामले में आरोपी संजीव महाजन और इंस्पेक्टर राजदीप सिंह की जमानत याचिकाओं का चंडीगढ़ पुलिस ने पूर्ण विरोध किया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को यूटी पुलिस ने बताया कि इस केस के ट्रायल में अभी संवेदनशील गवाहों की गवाहियां चल रही हैं। ऐसे में आरोपियों को जमानत देने से केस प्रभावित हो सकता है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने दोनों को बिना कोई राहत दिए सुनवाई 14 मार्च तक टाल दी।
मामले में पुलिस ने संजीव महाजन, सौरभ गुप्ता, खलेंद्र सिंह कादयान, अरविंद सिंगला, अशोक अरोड़ा, सतपाल डागर, राजदीप सिंह और शेखर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने मार्च 2017 में राहुल मेहता के घर की पहली मंजिल पर कब्जा कर लिया और राहुल को प्रताड़ित कर कागजों पर उनके हस्ताक्षर ले लिए। बाद में उन्हें गुजरात में छोड़ दिया। गिरफ्तारी के बाद संजीव महाजन व इंस्पेक्टर राजदीप सिंह ने चंडीगढ़ ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी।
राजदीप ने कनाडा नागरिकता की जानकारी विभाग को नहीं दी
ट्रायल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस मामले में इससे पहले इंस्पेक्टर राजदीप सिंह की कनाडा की नागरिकता की बात सामने आई थी। हाईकोर्ट द्वारा नागरिकता पर उठाए गए सवाल के जवाब में चंडीगढ़ प्रशासन ने पिछली सुनवाई पर बताया था कि राजदीप सिंह की कनाडा की नागरिकता के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं है और न ही राजदीप सिंह ने विभाग को ऐसी कोई जानकारी दी है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने मांगा जवाब
गवाहों और शिकायतकर्ता को धमकियां देने के आरोपों के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली अलग याचिका पर महाजन को बिना कोई राहत दिए हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी। वहीं, अरविंद सिंगला ने गत माह जारी ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ 6 अलग-अलग ट्रायल चलाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने सिंगला की याचिका पर यूटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।