टंडन ने किया वीरभद्र सिंह पर हमला
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के चंडीगढ़ अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर आय से अधिक संपत्ति और दस्तावेजों से की छेड़छाड़ के आरोपों को अब दिल्ली के उच्च न्यायालय ने भी सही ठहराया है। ऐसे में उनको चाहिए कि वह नैतिकता के आधार पर अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे दें और मामले में जांच एजेंसी सीबीआई का सहयोग करें।
सेक्टर-27 में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले से साबित होता है कि वीरभद्र सिंह द्वारा सीबीआई पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उनके खिलाफ जांच एजेंसी द्वारा दायर याचिका में सभी तथ्यों का बारीकी से आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब भ्रष्टाचारियों की जननी बनती जा रही है। पार्टी में नैतिकता नाम की कोई चीज नहीं है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अपनी आरंभिक जांच में यह पाया कि वीरभद्र सिंह ने अपने खातों में यह दिखाया कि वर्ष 2008-09 और वर्ष 2010-11 के दौरान उनके सेब के बागों का मुनाफा 6 करोड़ से ज्यादा था, जबकि उससे पहले के और उसके बाद के सालों में उनका मुनाफा शून्य था। उन्होंने अपनी काली कमाई को छुपाने के लिए अपने खातों में अपने सेब का बागों की कमाई को अवैध रूप से दिखाया। प्रेसवार्ता में यूटी के अलग प्रशासक नियुक्त करने की बात पर टंडन ने कहा कि यह अधिकार केंद्र सरकार का है। जबकि हाइवे पर शराब के ठेेके, पब और होटल में शराब परोसने पर पाबंदी लगाने के मामले में टंडन ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है और वह इस पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।