यूटी प्रशासन द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया की संजय कॉलोनी को गिराने के लिए जारी तीन मई के नोटिस को स्थानीय निवासियों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर यूटी प्रशासन ने कहा कि अभी नोटिस की अवधि पूरी नहीं हुई है और 24 मई तक झुग्गियों को नहीं गिराया जाएगा। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 23 मई को स्थगित कर दी।
संजय कॉलोनी के मोहन साहनी व 68 अन्य निवासियों ने याचिका दाखिल करते हुए बताया गया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने तीन मई को नोटिस जारी करते हुए उन्हें कॉलोनी खाली करने को कहा है। याची ने बताया कि कॉलोनी में 2000 से 2500 कच्चे घर और झुग्गियां हैं। इनमें करीब 4 से 6 हजार लोग रह रहे हैं।
सभी करीब दो दशक से यहां रहते हैं और सबका रोजगार दिहाड़ी से चलता है। याची ने कहा कि उन्हें बिजली के कनेक्शन, सीवर व पानी आदि के कनेक्शन देकर प्रशासन इस कॉलोनी को एक तरह से मान्यता देता रहा है। यहां के निवासियों के राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी इसी पते पर जारी हैं। इसके बावजूद अब उन्हें हटाने की तैयारी की जा रही है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें हटाने से पहले उनके रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। जैसे अन्य कालोनियों को हटाते हुए वहां के निवासियों का पुनर्वास किया गया वैसे ही यहां के लोगों का भी पुनर्वास हो। याची ने बताया कि प्रशासन ने कॉलोनी में मौजूद पानी की टंकी को तोड़ दिया है और कई टॉयलेट भी हटा दिए गए है। इस पर प्रशासन ने कहा कि अभी नोटिस की मियाद खत्म नहीं हुई है और प्रशासन ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। प्रशासन ने कहा कि कोई भी कार्रवाई 24 मई के बाद होगी। इस पर हाईकोर्ट ने अब इस याचिका पर सुनवाई 23 मई को निर्धारित की है।