कांग्रेस ने इस उपचुनाव में दलवीर सिंह गोल्डी को उम्मीदवार बनाया है, जिन्हें विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिकस्त दी थी। पार्टी उम्मीद कर रही है कि भगवंत मान की अनुपस्थिति में गोल्डी यह उपचुनाव जीत जाएंगे। वहीं पार्टी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या को भुनाने की कोशिश करते हुए मूसेवाला के अंतिम संस्कार और उनकी समाधि के फोटो का इस्तेमाल चुनाव प्रचार में शुरू कर दिया था, जिस पर सोमवार को मूसेवाला के परिजनों एतराज जता दिया है।
शिअद
दूसरी ओर शिरोमणि अकाली दल (शिअद) जेलों में बंद सिंहों की रिहाई को मुद्दा बनाकर उपचुनाव में उतरा है। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या में सजा काट रहे बलवंत सिंह राजोआणा की बहन कमलदीप कौर को टिकट दिया है और चुनाव प्रचार में बलवंत सिंह राजोआणा के फोटो का इस्तेमाल शुरू किया है।
भाजपा
भाजपा ने भी उपचुनाव को अपने बूते पर लड़ने का फैसला करते हुए कांग्रेस छोड़कर पार्टी में आए केवल सिंह ढिल्लो को टिकट दिया है। हालांकि भाजपा को इसका सीधा नुकसान यह है कि टिकट का दावा करने वाले पार्टी के पुराने वफादारों को साइड लाइन किया गया है, जिससे कार्यकर्ता नाराज हैं। लेकिन भाजपा इस सीट पर जीत के बजाय अन्य विपक्षी दलों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर अगले लोकसभा चुनाव के लिए खुद को तैयार करना चाह रही है।
आप
आम आदमी पार्टी (आप) के लिए इस उपचुनाव में सबसे चिंता का मुद्दा गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का है, जिसे लेकर युवा वर्ग आप सरकार की ओर से मूसेवाला की सुरक्षा घटाए जाने के फैसले को जिम्मेदार मान रहा है। आप के लिए इस सीट पर जीत इसलिए भी प्रतिष्ठा का सवाल है, क्योंकि इस सीट से मुख्यमंत्री भगवंत मान दो बार सांसद चुने गए हैं और इस समय राज्य में आप सरकार के मुखिया भी भगवंत मान ही हैं। दूसरी ओर, पंजाब पुलिस भी मूसेवाला के हत्यारों को पकड़ने में अब तक नाकाम रही है। इसे देखते हुए आप के प्रत्याशी को कुछ नुकसान हो सकता है, हालांकि पार्टी ने छह मंत्रियों-विधायकों को आप प्रत्याशी गुरमेल सिंह की मदद के लिए मैदान में उतार दिया है।